Ujjwala Yojana Cylinder: The reduction in cylinders in the Ujjwala scheme has shocked the general public: (उज्ज्वला योजना सिलेंडर कटौती) का असर सीधे तौर पर उन करोड़ों परिवारों पर पड़ेगा जो इस योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं। पहले सालाना 12 सिलेंडर मिलने की सुविधा थी, जिसे अब घटाकर 9 कर दिया गया है। हालांकि, प्रति सिलेंडर ₹300 की (LPG cylinder subsidy) बरकरार रहेगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब घरेलू गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम आदमी पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है। सरकार का कहना है कि यह कदम योजना की वास्तविक खपत के आधार पर लिया गया है।
सरकार का नया बजट और आंकड़े Ujjwala Yojana Cylinder
वित्त वर्ष 2026 के लिए सरकार ने (ujjwala yojana budget 2026) के तहत 1260 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की औसत सालाना खपत 2020 में 3 सिलेंडर थी, जो अब बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकांश लाभार्थी साल में 12 सिलेंडर का उपयोग नहीं कर रहे थे। इसी आधार पर सरकार ने (ujjwala yojana new rule) लागू किया है, जिससे बजट का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
तेल कंपनियों को नुकसान की भरपाई
सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को लागत से कम कीमत पर एलपीजी बेचने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 30000 करोड़ रुपए के कैश मुआवजे को मंजूरी दी है। यह राशि 12 किश्तों में दी जाएगी, जिसकी पहली किश्त सितंबर-अक्टूबर 2025 में जारी होगी।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनियों को 15000 करोड़ और शेष राशि 2027 में दी जाएगी। इस दो चरणों में भुगतान से (LPG fiscal deficit) पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा और राजकोषीय संतुलन बना रहेगा।













