बजट 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर कई बड़े कदम बढ़ाए हैं। इस बजट में सरकार ने न केवल पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक बनाने की कोशिश की है बल्कि भविष्य की तकनीक जैसे सेमीकंडक्टर और बायो फार्मा पर भी हजारों करोड़ रुपये का दांव लगाया है।
किसानों, बुनकरों, छात्रों और निवेशकों के लिए इस पिटारे में क्या खास है और ये योजनाएं जमीन पर कितना बदलाव लाएंगी, आइए विस्तार से समझते हैं।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना
सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का शुभारंभ किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खादी, हथकरघा (Handloom) और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार से जोड़ना है।
चैलेंज मोड सिलेक्शन: मेगा टेक्सटाइल पार्कों का चयन एक पारदर्शी ‘चैलेंज मोड’ प्रक्रिया के जरिए होगा।
बुनकरों की ट्रेनिंग: पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक डिजाइन और मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
एक जिला एक उत्पाद (ODOP): इस योजना से क्षेत्रीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।
बायो फार्मा और सेमीकंडक्टर
भारत को दुनिया का दवाखाना और चिप निर्माण का केंद्र बनाने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं का ऐलान हुआ है।
बायो फार्मा शक्ति परियोजना: अगले 5 वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसका उद्देश्य देश में ही जीवन रक्षक दवाएं और बायोलॉजिकल ड्रग्स तैयार करना है। इसके लिए 1,000 मान्यता प्राप्त टेस्टिंग साइट्स का नेटवर्क बनाया जाएगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0: पहले चरण की सफलता के बाद अब सरकार ने सप्लाई चेन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के विकास के लिए मिशन 2.0 लॉन्च किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए फंड बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
छोटे व्यापारियों और निवेशकों के लिए राहत
लघु एवं मध्यम उद्योगों (SME) के विकास के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का समर्पित कोष बनाया है। यह फंड उन उद्यमों को प्रोत्साहन देगा जो रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।
इसके अलावा, विदेश में रहने वाले भारतीयों (PROI) के लिए पोर्टफोलियो निवेश की सीमा 5% से बढ़ाकर 10% कर दी गई है। इससे भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ेगा और घरेलू कंपनियों को पूंजी जुटाने में आसानी होगी।
बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
माल ढुलाई को सस्ता और तेज बनाने के लिए सरकार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार कर रही है।
नया रूट: पूर्व में डंकुनी (पश्चिम बंगाल) को पश्चिम में सूरत (गुजरात) से जोड़ा जाएगा।
जलमार्ग विकास: अगले 5 साल में 20 नए जलमार्ग शुरू होंगे। ओडिशा के तालचेर और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप बंदरगाह से जोड़ने के लिए नेशनल वॉटर-वे 5 पर काम शुरू होगा।
दिव्यांगजन और पशु चिकित्सा पर विशेष ध्यान
सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दिव्यांगजन कौशल योजना और दिव्यांग सहारा योजना शुरू की गई है। आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (एल्मिको) को अब AI के साथ जोड़ा जाएगा ताकि बेहतर सहायक उपकरण बन सकें।
वहीं, पशुपालन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना लाई गई है, जिससे पशु चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी दूर होगी।












