बीसीसीआई 22 दिसंबर को होने वाली एपेक्स काउंसिल मीटिंग में अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम की बड़ी समीक्षा करेगा। चर्चा का मुख्य बिंदु यह होगा कि क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा को A प्लस कैटेगरी से नीचे लाया जाए, क्योंकि अब दोनों खिलाड़ी सीमित प्रारूपों में ही सक्रिय हैं। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर उनकी सालाना आय में लगभग दो करोड़ रुपये की कमी आ सकती है।
कोहली और रोहित के कॉन्ट्रैक्ट की स्थिति क्यों बदल सकती है
वर्तमान में विराट कोहली और रोहित शर्मा बीसीसीआई की A प्लस कैटेगरी में शामिल हैं, जिसके तहत सालाना 7 करोड़ रुपये का रिटेनर मिलता है। यह ग्रेड आमतौर पर सभी प्रारूपों में नियमित प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।
हालांकि परिस्थितियां अब बदल चुकी हैं।
दोनों खिलाड़ी 2024 में टी20 क्रिकेट से हट चुके हैं
2025 में दोनों ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा
अब वे मुख्य रूप से वनडे प्रारूप में ही उपलब्ध हैं
बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि पिछले कॉन्ट्रैक्ट चक्र में उनका ग्रेड उस अवधि के आधार पर था जब वे तीनों प्रारूपों में शामिल थे। नए चक्र में बोर्ड यह मूल्यांकन करेगा कि क्या सीमित प्रारूप खेलने वाले क्रिकेटरों को शीर्ष कैटेगरी में बनाए रखना उचित है।
अगर उन्हें ग्रेड A में शिफ्ट किया जाता है, जहां वार्षिक रिटेनर 5 करोड़ रुपये है, तो दोनों की सैलरी में 2 करोड़ रुपये की कटौती हो जाएगी।
प्रदर्शन मजबूत, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट ग्रेड का नियम अलग
यह बदलाव उनके प्रदर्शन से नहीं, बल्कि बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट नीति से जुड़ा है। रोहित ने हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता, जबकि कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि
“कॉन्ट्रैक्ट ग्रेडिंग पूरी तरह उपलब्धता और प्रारूप भागीदारी पर आधारित होती है, प्रदर्शन पर नहीं।”
बीसीसीआई इसी नीति पर टिके रहने की तैयारी में है, ताकि युवा खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट संरचना बन सके।
शुभमन गिल के प्रमोशन पर भी नजर
इस मीटिंग का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय कप्तान शुभमन गिल का प्रमोशन होगा। लगातार सभी प्रारूपों में उनकी मौजूदगी और नेतृत्व भूमिका को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि उन्हें ग्रेड A से A प्लस में शामिल किया जा सकता है।
इसके अलावा रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी, जो पहले से A प्लस में हैं, अपने ग्रेड को बरकरार रख सकते हैं। बोर्ड इनके प्रदर्शन और उपलब्धता दोनों पर विचार करेगा।
महिला क्रिकेटरों की पे स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव संभव
मीटिंग में केवल पुरुष टीम ही नहीं, बल्कि महिला क्रिकेटरों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा भी रखा जाएगा।
भारत की महिला टीम ने हाल में अपना पहला वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। इसके बाद से घरेलू स्तर पर महिला खिलाड़ियों की कमाई बढ़ाने की मांग तेज हो गई थी।
बीसीसीआई अब
घरेलू टूर्नामेंटों में मैच फीस
राज्य संघ भुगतान
और लंबे समय से मौजूद पे गैप
जैसे मुद्दों पर औपचारिक निर्णय लेने की तैयारी में है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेतन समानता पहले ही लागू है, लेकिन घरेलू स्तर पर सुधार को महिला क्रिकेट की प्रगति के लिए जरूरी माना जा रहा है।
यह फैसला भारतीय क्रिकेट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है
कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव खिलाड़ियों की उपलब्धता और भविष्य की टीम संरचना को प्रभावित करेगा
युवा खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी में आने के स्पष्ट मानदंड मिलेंगे
महिला क्रिकेट में भुगतान सुधार भारत की खेल नीति की दिशा तय कर सकता है
यह बोर्ड के दीर्घकालिक प्लान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सभी प्रारूपों के लिए संतुलित खिलाड़ियों का पूल तैयार करना शामिल है
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव अगले पांच वर्षों में टीम इंडिया की संरचना को प्रभावित कर सकता है।











