धर्मशाला, 17 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। PBKS vs RCB Match Today: धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर आज पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होने वाला मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स के भाग्य का फैसला करने जा रहा है। लखनऊ सुपर जायंट्स के हाथों सात विकेट से मिली करारी शिकस्त के बाद चेन्नई की टीम अंक तालिका में छठे नंबर पर लुढ़क गई है। फिलहाल 12 अंक और +0.027 के बेहद नाजुक नेट रन रेट के साथ चेन्नई के पास अब प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बची है। चेन्नई के फैंस आज खुद के मैदान पर न होने के बाद भी बेंगलुरु की जीत के लिए दिल से दुआ मांग रहे हैं।
बेंगलुरु की जीत क्यों बनेगी चेन्नई के लिए सबसे बड़ी संजीवनी?
आज के मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत सीधे तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स का समीकरण आसान कर देगी। अगर बेंगलुरु की टीम आज पंजाब को धूल चटाती है, तो पंजाब किंग्स सिर्फ 13 अंकों पर ही रुकी रह जाएगी। इसके बाद पंजाब के पास लीग चरण का केवल एक मैच बचेगा, जिससे वह अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुंच पाएगी।
ऐसी स्थिति बनते ही चेन्नई सुपर किंग्स के पास अपनी किस्मत खुद लिखने का सुनहरा मौका होगा। चेन्नई अपने बचे हुए दोनों मैच जीतकर 16 अंकों के साथ सीधे प्लेऑफ का टिकट पक्का कर लेगी। इसके लिए उसे किसी दूसरी टीम की हार-जीत या पेचीदा रन रेट की गणना पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
पंजाब की जीत से बढ़ेगा खतरा
इसके विपरीत अगर आज धर्मशाला में पंजाब किंग्स बाजी मार लेती है, तो चेन्नई की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ जाएंगी। पंजाब की जीत उसे सीधे 15 अंकों पर पहुंचा देगी, जिससे वह टॉप-चार की दावेदारी को और मजबूत कर लेगा। इसके बाद चेन्नई के लिए अपने दोनों मैच जीतकर 16 अंक हासिल करने पर भी प्लेऑफ का रास्ता आसान नहीं होगा।
ऐसी स्थिति में चेन्नई को पंजाब, हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के साथ नेट रन रेट की भीषण जंग से गुजरना पड़ सकता है। लखनऊ के खिलाफ बड़ी हार के बाद चेन्नई का रन रेट पहले ही काफी खराब हो चुका है। ऐसे में आगामी मैचों में एक भी छोटी चूक चेन्नई को सीधे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा देगी।
सनराइजर्स और गुजरात के खिलाफ करो या मरो की स्थिति
चेन्नई सुपर किंग्स के पास अब लीग चरण में केवल दो मुकाबले बचे हैं, जहां उसका सामना सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटन्स से होना है। इन दोनों ही मैचों में पीली जर्सी वाली टीम के लिए हर हाल में बड़ी जीत दर्ज करना जरूरी हो चुका है। अगर टीम एक भी मैच हारती है और 14 अंकों पर रुकती है, तो प्लेऑफ की उम्मीदें पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
चेन्नई के लिए सबसे जरूरी यही है कि वे दूसरों के नतीजों पर निर्भर रहने के बजाय मैदान पर खुद को साबित करें। लखनऊ के खिलाफ मिली हार के जख्मों को भूलकर कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को अब अपनी टीम को एकजुट करना होगा।
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