चंडीगढ़, 16 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। उत्तर भारत समेत पूरे देश में इस समय सूरज की तपिश झेल रहे लोगों के लिए एयर कंडीशनर ही एकमात्र सहारा है। मगर कई बार सब कुछ सही दिखने के बाद भी एसी ऑन करने पर कमरे में उमस और गर्मी वैसी की वैसी ही बनी रहती है। लोग अक्सर समझ नहीं पाते कि खराबी स्टेबलाइजर में है, सर्विसिंग में या फिर कंप्रेसर में। मैकेनिकों के मुताबिक एसी की कूलिंग गायब होने के पीछे 90 फीसदी मामलों में रेफ्रिजरेंट यानी कूलिंग गैस का लीक होना ही सबसे बड़ा कारण होता है। वैसे तो यह गैस सालों-साल चलती है, लेकिन पाइपलाइन में जंग या कॉइल में खराबी आने से यह जल्दी उड़ जाती है।
तापमान 16 डिग्री करने पर भी हवा गर्म
अगर आप रिमोट से तापमान को घटाकर बिल्कुल न्यूनतम स्तर यानी 16 या 18 डिग्री सेल्सियस पर सेट कर देते हैं और आधे घंटे बाद भी कमरे के तापमान में एक डिग्री की भी गिरावट नहीं आती, तो यह गैस खत्म होने का सबसे पहला और पुख्ता लक्षण है। ऐसी स्थिति में इनडोर यूनिट से निकलने वाली हवा में कोई ठंडापन नहीं रहता। इसके अलावा जब आप स्प्लिट एसी के फ्रंट पैनल (ढक्कन) को ऊपर उठाएंगे, तो आपको अंदर मौजूद इवेपोरेटर कॉइल (कूलिंग कॉइल) पर बर्फ की सफेद और मोटी परत जमी हुई दिखाई देगी, जो गैस का प्रेशर माइनस में जाने के कारण जमती है।
आउटडोर के पतले कॉपर पाइप पर जमी बर्फ
यदि आप इनडोर यूनिट को हाथ नहीं लगाना चाहते, तो घर के बाहर या छत पर लगी आउटडोर यूनिट से भी इसका पता लगा सकते हैं। आउटडोर से इनडोर को जोड़ने वाले दो तांबे के पाइपों में से जो पतला वाला पाइप (डिस्चार्ज लाइन) होता है, गैस कम होने पर उस पर बर्फ जमना शुरू हो जाती है। इसका सीधा असर कमरे के अंदर भी दिखता है। जब एसी का कंप्रेसर बंद या ट्रिप होता है, तो वह जमी हुई बर्फ पिघलकर ड्रेन पाइप से बाहर निकलने के बजाय ओवरफ्लो होकर आपके इनडोर यूनिट से सीधे कमरे की दीवार या फर्श पर टपकने लगती है।
दोगुना आएगा बिजली का बिल
एसी में गैस कम होने का सीधा और सबसे बड़ा झटका आम आदमी की जेब पर लगता है। सामान्य स्थिति में कमरा ठंडा होते ही एसी का कंप्रेसर ऑटो-कट (ट्रिप) हो जाता है, जिससे बिजली की बचत होती है। लेकिन जब सिस्टम में गैस ही नहीं होगी, तो सेंसर को निर्धारित कूलिंग कभी मिलेगी ही नहीं। इस वजह से कंप्रेसर बिना रुके लगातार चौबीसों घंटे चलता रहेगा, जिससे मशीन पर लोड बढ़ेगा और महीने का बिजली बिल अचानक सामान्य से दोगुना या उससे भी अधिक बढ़कर आएगा। ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत किसी सर्टिफाइड मैकेनिक से गैस चार्जिंग करानी चाहिए।
वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा; जानिए क्यों की जाती है बरगद के पेड़ की पूजा और क्या है इसका महत्व
ब्रेकिंग न्यूज़ औरTrending News अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।













