राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना किसी रुकावट के सफर करने के लिए गाड़ियों पर फास्टैग होना अनिवार्य है। अगर आपने अभी तक अपनी गाड़ी पर फास्टैग नहीं लगाया है, तो अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आरसी और वैलिड आईडी कार्ड की मदद से चंद मिनटों में नया फास्टैग आपके घर पहुंच जाएगा।
घर बैठे ऑनलाइन फास्टैग कैसे बनवाएं?
देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब समेत तमाम राज्यों के स्टेट हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए फास्टैग अनिवार्य हो चुका है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करता है। इसे गाड़ी की फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। टोल प्लाजा से गुजरते समय टोल शुल्क सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट से कट जाता है। इससे वाहन चालकों को टोल बूथ पर लंबी कतारों में नहीं फंसना पड़ता और समय की बड़ी बचत होती है।
फास्टैग ऑनलाइन बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है?
ऑनलाइन फास्टैग आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले वाहन मालिक को कुछ जरूरी दस्तावेज अपने पास संभाल कर रखने होंगे। आवेदन के दौरान इन सभी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी यानी स्कैन कॉपी अपलोड करनी पड़ती है।
वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
वाहन मालिक का पैन कार्ड या अन्य वैलिड सरकारी पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस)
पासपोर्ट साइज फोटो
एक्टिव मोबाइल नंबर
गाड़ी की पूरी डिटेल
ऑनलाइन फास्टैग आवेदन करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका क्या है?
फास्टैग जारी करने के लिए सरकार ने कई बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अधिकृत किया है। आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी प्राधिकृत बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से आवेदन पूरा कर सकते हैं।
सबसे पहले किसी भी अधिकृत फास्टैग प्रोवाइडर की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप पर जाएं और वहां ‘Apply for FASTag’ के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद फॉर्म में अपना नाम, चालू मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और मांगी गई अन्य जानकारियां बिल्कुल सही-सही भरें। कोई भी गलत जानकारी देने पर आपका आवेदन खारिज किया जा सकता है। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: एक आईडी पर अधिकतम सिम कार्ड की लिमिट तय, जम्मू-कश्मीर और असम के लिए अलग नियम
अगले चरण में आपको वाहन की आरसी और अपने पहचान पत्र की स्कैन कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। कई प्लेटफॉर्म्स पर इन दस्तावेजों का वेरिफिकेशन डिजिटल माध्यम से तुरंत हो जाता है। दस्तावेज वेरिफाई होने के बाद आपको निर्धारित शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट और शुरुआती रिचार्ज अमाउंट का भुगतान करना होगा। यह पेमेंट आप यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए कर सकते हैं। भुगतान सफल होते ही फास्टैग आपके दिए गए पते पर कूरियर से भेज दिया जाएगा।
नया फास्टैग मिलने के बाद उसे एक्टिवेट कैसे करें?
कूरियर के जरिए फास्टैग मिलने के बाद इसे अपनी गाड़ी की सामने वाली विंडस्क्रीन पर ठीक बीच में अंदर की तरफ से चिपकाएं। ध्यान रखें कि टैग को सही तरीके से चिपकाना जरूरी है ताकि टोल प्लाजा के स्कैनर इसे आसानी से रीड कर सकें। आमतौर पर ऑनलाइन कूरियर से आने वाले फास्टैग पहले से ही एक्टिवेटेड होते हैं। अगर ऐसा नहीं है, तो आप संबंधित बैंक के ऐप या वॉलेट में जाकर अपने वाहन नंबर और मोबाइल नंबर की मदद से इसे तुरंत एक्टिवेट कर सकते हैं।













