भारत सरकार और ट्राई (TRAI) ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एक नाम पर सिम (SIM) कार्ड रखने की अधिकतम सीमा तय कर दी है। देश के आम नागरिक अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड एक्टिव रख सकते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व राज्यों के लिए यह सीमा 6 सिम की है। तय लिमिट से ज्यादा सिम मिलने पर न सिर्फ कनेक्शन कटेगा, बल्कि जेल की सजा भी हो सकती है।
आज के समय में देश के भीतर बिजनेस, बैंकिंग और निजी इस्तेमाल के लिए लोग एक से ज्यादा मोबाइल नंबर रखने लगे हैं। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में साइबर क्राइम और फर्जी सिम कार्ड से होने वाली धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसी खतरे को देखते हुए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और दूरसंचार विभाग ने सिम कार्ड रखने के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। सरकार का सीधा मकसद एक ही पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल करके थोक के भाव मोबाइल कनेक्शन जारी करने वाले गिरोहों पर नकेल कसना है।
एक व्यक्ति अपने नाम पर कितने सिम कार्ड खरीद सकता है?
भारत के मुख्य राज्यों में कोई भी नागरिक अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड एक्टिव रख सकता है। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट (उत्तर-पूर्व) के राज्यों में यह नियम अलग है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 6 सिम कार्ड ही जारी किए जा सकते हैं। इस नियम का उल्लंघन करने वाले उपभोक्ताओं के अतिरिक्त नंबरों को टेलीकॉम कंपनियां तुरंत ब्लॉक कर देती हैं। हरियाणा न्यूज़ पोस्ट पर ये भी पढ़ें: आईफोन पर कॉल होल्ड करने का ये गुप्त तरीका नहीं जानते होंगे आप, देखें आसान स्टेप्स
नया सिम लेने के लिए क्यों जरूरी है डिजिटल केवाईसी?
अब किसी भी मोबाइल कंपनी का नया सिम कार्ड लेने के लिए ग्राहक को केवाईसी (Know Your Customer) प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए आपकी असली पहचान और पते से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जाती है। आजकल ज्यादातर जगहों पर डिजिटल केवाईसी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए ही तुरंत सिम एक्टिवेट किए जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के नाम पर चुपके से सिम इस्तेमाल करता है या गलत जानकारी देता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा।
आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं, ऑनलाइन कैसे चेक करें?
दूरसंचार विभाग ने आम जनता की सुरक्षा के लिए ‘संचार साथी पोर्टल’ (Sanchar Saathi Portal) की शुरुआत की है। इस सरकारी वेबसाइट पर जाकर कोई भी व्यक्ति “Know Your Mobile Connections” वाले विकल्प पर क्लिक कर सकता है। वहां अपना मुख्य मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद एक ओटीपी (OTP) आएगा। इस ओटीपी वेरिफिकेशन को पूरा करते ही स्क्रीन पर उन सभी मोबाइल नंबरों की लिस्ट आ जाएगी जो आपकी आईडी पर चल रहे हैं।
तय लिमिट से ज्यादा सिम कार्ड रखने पर क्या सजा होगी?
अगर किसी नागरिक के नाम पर तय कानूनी सीमा से ज्यादा सिम कार्ड एक्टिव पाए जाते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियां उन एक्स्ट्रा नंबर्स को तुरंत बंद कर देंगी। इसके अलावा, यदि कोई सिम कार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदा गया है या उसका उपयोग किसी गलत गतिविधि में होता है, तो असली आईडी धारक कानूनी मुश्किल में फंस सकता है। सिम कार्ड के नियमों को तोड़ने और धोखाधड़ी करने के मामले में सीधे जेल की सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, जो नंबर आपके इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें संचार साथी पोर्टल पर जाकर तुरंत रिपोर्ट और बंद करवा दें।











