भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025 26 में अपनी वापसी को पूरी तरह यादगार बना दिया है। करीब 15 साल बाद इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में खेलते हुए कोहली ने दो लगातार पारियों में ऐसा प्रदर्शन किया कि क्रिकेट जगत में एक बार फिर उनकी निरंतरता और क्लास पर चर्चा शुरू हो गई है। पहले मैच में शतक और दूसरे मुकाबले में तेज अर्धशतक के साथ उन्होंने कई अहम रिकॉर्ड अपने नाम किए।
विजय हजारे ट्रॉफी में कोहली का प्रभावशाली प्रदर्शन
शुक्रवार को गुजरात के खिलाफ खेले गए मुकाबले में विराट कोहली ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने महज 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 61 गेंदों में 77 रन बनाए। इस पारी में 13 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। कोहली की बल्लेबाजी ने मैच की दिशा बदल दी और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। पूर्व चयनकर्ता संजय बांगर के अनुसार घरेलू टूर्नामेंट में बड़े खिलाड़ी जब जिम्मेदारी लेते हैं तो पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ता है।
लिस्ट ए क्रिकेट में नया विश्व रिकॉर्ड
इस पारी के साथ ही विराट कोहली ने लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा औसत वाला बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। यह उनका 344वां लिस्ट ए मैच था। अब तक वे इस फॉर्मेट में
58 शतक
85 अर्धशतक
16207 रन
पूरा कर चुके हैं। उनका मौजूदा बल्लेबाजी औसत 57.87 है, जो इस स्तर पर असाधारण माना जाता है।
माइकल बेवन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूटा
विराट कोहली ने इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज माइकल बेवन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। बेवन का लिस्ट ए औसत 57.86 था, जिसे लंबे समय तक अजेय माना जाता रहा। कोहली का यह रिकॉर्ड उनकी लंबी पारी खेलने की क्षमता और लगातार रन बनाने की आदत को दर्शाता है।
क्रिकेट इतिहासकारों के अनुसार लिस्ट ए क्रिकेट में इतना ऊंचा औसत बनाए रखना मानसिक मजबूती और फिटनेस का भी प्रमाण है।
भारतीय बल्लेबाजों का टॉप 10 में दबदबा
लिस्ट ए क्रिकेट के टॉप 10 बल्लेबाजी औसत की सूची में भारत की मजबूत मौजूदगी साफ दिखती है। विराट कोहली के साथ
चेतेश्वर पुजारा
पृथ्वी शॉ
रुतुराज गायकवाड़
भी इस सूची में शामिल हैं। चार भारतीय बल्लेबाजों का टॉप 10 में होना देश की मजबूत बल्लेबाजी परंपरा को दर्शाता है।
यह प्रदर्शन क्यों है खास
विराट कोहली का यह फॉर्म सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। यह भारतीय क्रिकेट के लिए भी अहम संकेत देता है कि सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में उतरकर टीम संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को मजबूती दे रहे हैं। आने वाले समय में यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के फैसलों और टीम संतुलन पर भी असर डाल सकता है।













