नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को दुनिया की सबसे अनिश्चित लीग इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां रातों-रात खिलाड़ियों की टीमें और किस्मत दोनों बदल जाती हैं। जहां विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे दिग्गज एक ही फ्रेंचाइजी की पहचान बन चुके हैं, वहीं लीग में कई ऐसे ‘सौदागर’ भी हैं जिन्होंने सफलता की तलाश में चार या उससे ज्यादा टीमों का सफर तय किया है। आईपीएल 2026 के मौजूदा सीजन में इन खिलाड़ियों की भूमिका और उनके पुराने रिकॉर्ड्स एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
जयदेव उनादकट: रिकॉर्ड 8 टीमों के सारथी
इस सूची में सबसे ऊपर सौराष्ट्र के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट का नाम आता है। उनादकट ने आईपीएल के गलियारों में सबसे ज्यादा सफर तय किया है। वे अब तक कोलकाता नाइट राइडर्स, आरसीबी, दिल्ली कैपिटल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, राजस्थान रॉयल्स, मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी कुल 8 टीमों का हिस्सा रह चुके हैं। हर नीलामी में उन पर लगने वाली बड़ी बोली उनके घरेलू क्रिकेट के शानदार प्रदर्शन की गवाही देती है।
केएल राहुल और रहाणे: अनुभव की खान
बल्लेबाजी की बात करें तो केएल राहुल और अजिंक्य रहाणे ने कई जर्सियां बदलीं लेकिन रनों का अंबार लगाना नहीं छोड़ा। राहुल ने आरसीबी से शुरुआत कर सनराइजर्स, पंजाब और लखनऊ तक का सफर तय किया, वहीं 2025 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें भारी भरकम रकम देकर अपना बनाया। दूसरी ओर, रहाणे ने मुंबई इंडियंस से सफर शुरू किया और राजस्थान, पुणे, दिल्ली, केकेआर और सीएसके होते हुए अब 2026 में केकेआर की कप्तानी संभाल रहे हैं। इन दोनों ही बल्लेबाजों ने लीग में 5000 से ज्यादा रन बनाकर अपनी क्लास साबित की है।
जडेजा की घर वापसी और विदेशी सितारों का जलवा
रवींद्र जडेजा का करियर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 2008 में राजस्थान रॉयल्स के साथ पहला खिताब जीतने वाले जडेजा कोच्चि टस्कर्स, गुजरात लायंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बाद अब 2026 में वापस राजस्थान रॉयल्स की जर्सी में नजर आ रहे हैं। वहीं विदेशी खिलाड़ियों में क्विंटन डी कॉक ने हैदराबाद, दिल्ली, आरसीबी, मुंबई और लखनऊ जैसी 5 बड़ी टीमों के लिए ओपनिंग करते हुए 3000 से ज्यादा रन कूटे हैं। पावरप्ले में उनका आक्रामक अंदाज आज भी विपक्षी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा देता है।
ईशांत और मनीष पांडे: शुरुआती दौर के योद्धा
अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और आईपीएल के पहले भारतीय शतकवीर मनीष पांडे ने भी लीग के हर उतार-चढ़ाव को देखा है। ईशांत ने केकेआर से लेकर दिल्ली और गुजरात टाइटंस तक कुल 7 टीमों के लिए गेंदबाजी की है। वहीं मनीष पांडे ने 2008 से अब तक मिडिल ऑर्डर में अपनी भरोसेमंद बल्लेबाजी के दम पर 3900 से ज्यादा रन बनाए हैं। ये खिलाड़ी साबित करते हैं कि आईपीएल में टिके रहने के लिए केवल एक टीम का साथ जरूरी नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में खुद को ढालने का हुनर अनिवार्य है।
RCB के तीन अनोखे रिकॉर्ड्स जो तोड़ना मुश्किल, 549 रन और दो शतक शामिल
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