IPL 2026 में LSG ने डेविड मिलर को रिलीज कर दिया, जिसके बाद उनके फैसले पर काफी चर्चा हो रही है कि क्या यह कदम सही था या टीम को नुकसान पहुंचाएगा।
आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने बाएं हाथ के साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड मिलर को रिलीज कर क्रिकेट फैंस को चौंका दिया। 15 नवंबर को जारी रिटेन-रिलीज सूची में मिलर का नाम हटाए गए खिलाड़ियों में शामिल था, और यह फैसला फैंस को समझ नहीं आया।
गौर करने वाली बात यह है कि आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में LSG ने मिलर पर 7.5 करोड़ रुपए खर्च किए थे। उन्हें टीम के फिनिशर रोल के लिए खरीदा गया था, लेकिन वह उस भूमिका में प्रदर्शन नहीं कर पाए।
पिछले सीजन मिलर ने 11 पारियों में सिर्फ 153 रन बनाए, 30.60 की औसत और 127.49 की स्ट्राइक रेट के साथ। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर सिर्फ 27* रहा। ऐसे में टीम ने उन्हें रिलीज करना ही बेहतर समझा।
क्या मिलर को छोड़ना LSG के लिए बड़ी गलती साबित होगा?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नीलामी से पहले मिलर को रिलीज करना LSG के लिए गलत कदम साबित हो सकता है। पिछले सीजन की स्थिति देखें तो टीम के पास अब्दुल समद और आयुष बडोनी जैसे युवा फिनिशर हैं, लेकिन अनुभव के मामले में कोई भी खिलाड़ी मिलर के करीब नहीं पहुंचता।
मध्य क्रम में मिलर की जगह बन सकती थी
अगर मार्करम आईपीएल 2025 जैसी फॉर्म में नहीं रहते, तो LSG के पास जिंकेमार्श और अर्शिन कुलकर्णी को ओपनिंग में आजमाने का विकल्प है, जिससे एक विदेशी स्लॉट खाली होता और मिलर को मध्य क्रम में उतारा जा सकता था। यही गलती अब टीम को भारी पड़ सकती है।
टीम ने मैथ्यू ब्रीट्जके को रिटेन किया है, जो टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं और जरूरत पड़ने पर मिडिल ऑर्डर में भी खेल सकते हैं, लेकिन वे फिनिशर नहीं हैं। यहाँ मिलर टीम को एक अतिरिक्त धार दे सकते थे, जो अब स्क्वाड में मौजूद नहीं है।
ऑक्शन में वापसी का रास्ता खुला, लेकिन…
हालाँकि, अभी भी LSG के पास मिलर को दोबारा खरीदने का मौका रहेगा। अगर 36 वर्षीय मिलर पिछली कीमत से कम पर उपलब्ध होते हैं, तो LSG जरूर उन्हें फिर से टीम में जोड़ना चाहेगी। लेकिन यह भी तय है कि उन्हें छोड़ने के फैसले ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।













