विजय हजारे ट्रॉफी 2024 में मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान ने गोवा के खिलाफ रिकॉर्डतोड़ शतक लगाकर सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने सिर्फ 56 गेंदों में शतक पूरा करते हुए मुंबई के लिए लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक दर्ज किया और भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी मजबूत दावेदारी फिर साबित की।
मुंबई और भारत के लिए खेलने वाले सरफराज खान ने यह उपलब्धि विजय हजारे ट्रॉफी के चौथे राउंड के मुकाबले में हासिल की। मुकाबला गोवा के खिलाफ खेला गया, जहां सरफराज ने सीमित ओवर क्रिकेट में अपने आक्रामक अंदाज से सबको प्रभावित किया।
सरफराज खान की ऐतिहासिक पारी
गोवा के खिलाफ मैच में सरफराज खान ने केवल 75 गेंदों पर 157 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 200 से भी ऊपर रहा। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही
• 56 गेंदों में शतक, जो मुंबई के लिए लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक है
• 12 चौके और 8 छक्कों से सजी आक्रामक बल्लेबाजी
• लगातार रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाना
रोहित शर्मा का रिकॉर्ड पीछे छूटा
सरफराज खान की इस पारी के साथ ही रोहित शर्मा का हालिया रिकॉर्ड टूट गया। रोहित ने एक सप्ताह पहले सिक्किम के खिलाफ 62 गेंदों में शतक लगाया था। सरफराज ने उससे भी तेज शतक बनाकर घरेलू क्रिकेट में नया मानक स्थापित किया।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन बताता है कि सरफराज अब केवल रेड बॉल नहीं बल्कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में भी पूरी तरह परिपक्व हो चुके हैं।
50 ओवर क्रिकेट में भी भरोसेमंद नाम
अब तक सरफराज को मुख्य रूप से टेस्ट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट का खिलाड़ी माना जाता था। लेकिन इस टूर्नामेंट में उनके आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी 2024 में अब तक
• 220 रन
• 110.00 का औसत
• 170 से अधिक का स्ट्राइक रेट
ये आंकड़े दिखाते हैं कि सरफराज लंबे फॉर्मेट के साथ साथ सीमित ओवर क्रिकेट में भी खुद को ढाल चुके हैं।
क्यों अहम है यह प्रदर्शन
भारतीय टीम में मध्यक्रम बल्लेबाजों की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरफराज खान का यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए एक मजबूत संकेत है।
पूर्व क्रिकेटर और विश्लेषक मानते हैं कि
• सरफराज का शॉट चयन अब ज्यादा परिपक्व हो गया है
• दबाव में तेजी से रन बनाने की क्षमता विकसित हुई है
• वे भविष्य में वनडे टीम के लिए उपयोगी विकल्प बन सकते हैं
आगे क्या
अगर सरफराज इसी तरह की निरंतरता बनाए रखते हैं, तो आने वाले घरेलू सीजन और भारत ए के दौरों में उनकी भूमिका और बड़ी हो सकती है। चयनकर्ताओं की नजर अब उनके अगले मैचों पर टिकी रहेगी।












