दिल्ली, 01 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। गर्मी के सितम से बचने के लिए इंडोर प्लांट्स को ‘नेचुरल एयर प्यूरिफायर’ माना जा रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि पौधे सुकून तो देते हैं, लेकिन बिना जानकारी के इन्हें घर में रखना एलर्जी और मच्छरों को दावत दे सकता है।
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में पारा बढ़ते ही लोग घरों को ठंडा रखने के लिए पौधों का सहारा ले रहे हैं। आजकल स्नेक प्लांट, एलोवेरा और मनी प्लांट जैसे इंडोर पौधों की मांग तेजी से बढ़ी है। लोग इन्हें एयर प्यूरिफायर का विकल्प मान रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पौधे हवा को शुद्ध जरूर करते हैं, लेकिन एक बंद कमरे में इनका असर सीमित होता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि ये इलेक्ट्रॉनिक प्यूरिफायर की जगह नहीं ले सकते, पर वातावरण में ताजगी का अहसास जरूर कराते हैं।
गर्मी में कूलिंग एजेंट का काम करते हैं पौधे
जब बाहर लू (Heatwave) चल रही हो, तब घर के अंदर रखे पौधे ‘ट्रांसपिरेशन’ प्रक्रिया के जरिए हवा में नमी छोड़ते हैं। इससे कमरे का तापमान प्राकृतिक रूप से थोड़ा कम महसूस होता है। यह प्रभाव वैसा ही है जैसे किसी बड़े पेड़ के नीचे बैठने पर मिलता है। तनावपूर्ण जीवनशैली में घर के भीतर हरियाली देखना मानसिक थकान को कम करने में भी कारगर साबित हुआ है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, पौधों की देखभाल करना एक थेरेपी की तरह काम करता है।
हरियाली के पीछे छिपे खतरे
इंडोर गार्डनिंग के शौकीनों के लिए यह जानना जरूरी है कि जरूरत से ज्यादा नमी नुकसानदेह हो सकती है। अगर आप पौधों को ज्यादा पानी देते हैं, तो गमलों में जमा पानी मच्छरों का प्रजनन केंद्र बन सकता है। इसके अलावा, मिट्टी में पैदा होने वाली फंगस घर के अंदर बदबू और दमा के मरीजों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि घर के भीतर केवल वही पौधे रखें जो कम पानी में जीवित रह सकें और जिनसे परिवार के किसी सदस्य को एलर्जी न हो।
सही चुनाव और संतुलन है जरूरी
डॉक्टरों का मानना है कि इंडोर प्लांट्स को केवल सजावट या सेहत का एकमात्र जरिया न समझें। इनका असली फायदा तभी मिलता है जब घर में वेंटिलेशन यानी हवा के आने-जाने का रास्ता सही हो। केवल पौधे रखने से बीमारियां दूर नहीं होंगी, बल्कि इसके साथ साफ-सफाई और सही जीवनशैली भी अनिवार्य है। पौधों का चुनाव करते समय उनकी विशेषताओं और रखरखाव के तरीकों को समझना ही समझदारी है, ताकि फायदे की जगह नुकसान न उठाना पड़े।
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