Shafali Verma Statement Sachin Tendulkar: आईसीसी महिला विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक जीत के बाद युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने अपनी भावनाओं को खुलकर बयां किया। उन्होंने कहा कि वापसी और शानदार परफॉर्मेंस के पीछे भगवान की कृपा और खुद पर अटूट विश्वास था। शेफाली ने अपनी फॉर्म से टीम की जीत में अहम रोल प्ले किया और विश्व कप जीत की खुशी शब्दों में बयां नहीं कर पाईं।
Shafali Verma
सेमीफाइनल से ठीक पहले टीम में शामिल हुईं शेफाली ने फाइनल में अपने परफॉर्मेंस और मेंटल प्रिपरेशन पर बात की। उन्होंने कहा कि ये मुश्किल चुनौती थी, लेकिन खुद पर भरोसा बनाए रखा। शेफाली बोलीं, “मैंने शुरुआत में ही कहा था कि भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा है।
और आज वो दिख गया। मैं बहुत खुश हूं कि हमने आखिरकार विश्व कप जीत लिया। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती।” सफलता का क्रेडिट आत्मविश्वास को देते हुए बोलीं, “ये मुश्किल था, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। मैं खुद पर विश्वास करूंगी। और अगर मैं शांत रहती हूं, तो कुछ भी कर सकती हूं। इसलिए वो विश्वास और शांति मेरे लिए बहुत जरूरी थी।”
परिवार और टीम का अटूट समर्थन
शेफाली ने जीत में परिवार और टीममेट्स के सपोर्ट को सबसे बड़ा बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता, दोस्त और भाई ने लगातार मोटिवेट किया। भावुक होते हुए बोलीं, “मेरे माता-पिता, मेरे दोस्त, मेरे भाई—सबका बहुत सहयोग था। हर कोई मुझे बताता था कि कैसे खेलना है और ये फाइनल मेरे लिए, पूरी टीम के लिए कितना अहम है।”
मैच में मेंटालिटी पर बोलीं कि सिर्फ टीम की जीत पर फोकस था। उन्होंने कहा, “आज मैं सिर्फ रन बनाने के बारे में सोच रही थी। टीम को जीतना चाहिए।”
हरमनप्रीत की सलाह आईं काम Shafali Verma
शेफाली ने बताया कि कप्तान हरमनप्रीत कौर और टीम ने बिना प्रेशर के अपना नैचुरल गेम खेलने को कहा। बोलीं, “बिल्कुल, मेरा दिमाग आज क्लियर था। मैं गई और अपनी प्लानिंग पर काम किया। बहुत खुश हूं कि वो सफल हुईं।
टीम मेरे साथ बहुत बात कर रही थी। हरमन हमेशा सपोर्ट करती थीं। सभी टीममेट्स बहुत वेलकमिंग और हेल्पफुल थे। टीम ने दिल खोलकर मुझे अपना गेम खेलने को कहा, न कि अपना गेम छोड़ने को।”
सचिन तेंदुलकर को बताया प्रेरणास्त्रोत
आखिर में शेफाली ने क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर से मिली इंस्पिरेशन का जिक्र किया। बोलीं कि फाइनल में सचिन सर को देखकर अलग एनर्जी मिली।
शेफाली ने कहा, “ये मेरे लिए यादगार पल है। लेकिन जब मैंने सचिन सर को देखा, तो अलग बूस्ट मिला। मैं सचिन सर से बात करती रहती हूं। वो हमेशा मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ाते हैं। मुझे उनसे बहुत इंस्पिरेशन मिलती है। उनसे बात करके बहुत प्रेरणा मिलती है। उन्हें देखने के बाद बहुत मोटिवेशन मिला।”
शेफाली का रिकॉर्ड
शेफाली वर्मा आईसीसी पुरुष और महिला वनडे वर्ल्ड कप में अर्धशतक ठोकने वाली सबसे युवा बैटर बन गईं। भारतीय महिला बैटर ने 21 साल और 278 दिन की उम्र में ये कमाल किया।
शेफाली ने ऑस्ट्रेलिया की जेसिका डफीन का रिकॉर्ड तोड़ा। डफीन ने 2013 महिला वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में हाफ सेंचुरी लगाई थी, तब उनकी उम्र 23 साल और 235 दिन थी। शेफाली वर्ल्ड कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाली सबसे युवा प्लेयर भी बनीं। मैच में 87 रन बनाए और 2 बड़े विकेट झटके।













