The dream of farewell test remained unfulfilled These 7 great cricketers including Virat Kohli did not get a farewell match: भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर प्रशंसकों को हैरान कर दिया। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद उनके रिटायरमेंट की चर्चाएं जोरों पर थीं, और आखिरकार यह सच साबित हुआ। कोहली ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और उनका आखिरी टेस्ट जनवरी 2025 में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोहली अकेले नहीं हैं जिन्हें फेयरवेल टेस्ट का मौका नहीं मिला? कई अन्य भारतीय दिग्गजों ने भी बिना विदाई मैच के टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। आइए, इन क्रिकेटरों की कहानी जानते हैं।
Virat Kohli एक युग का अंत
विराट, भारतीय क्रिकेट में एक सुनहरा अध्याय लिखने वाले विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 7 दोहरे शतक शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने कई यादगार जीत हासिल कीं, लेकिन फेयरवेल टेस्ट का मौका उन्हें नहीं मिला। कोहली अब केवल वनडे और टी20 फॉर्मेट में खेलते नजर आएंगे। उनके संन्यास ने प्रशंसकों को भावुक कर दिया, क्योंकि यह एक ऐसे खिलाड़ी का विदाई था जिसने क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
वीरेंद्र सहवाग: विस्फोटक बल्लेबाज का शांत अंत
‘नजफगढ़ के नवाब’ वीरेंद्र सहवाग की आक्रामक बल्लेबाजी ने दुनिया को हैरान किया। उन्होंने 104 टेस्ट में 8586 रन बनाए, जिसमें तीन तिहरे शतक शामिल हैं। लेकिन 2013 में हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका आखिरी टेस्ट था। सहवाग को फेयरवेल टेस्ट का मौका नहीं मिला, और उनका रिटायरमेंट अप्रत्याशित रूप से चुपचाप हुआ।
गौतम गंभीर: अनसंग हीरो
भारत के मौजूदा कोच गौतम गंभीर ने 2007 टी20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप में अहम भूमिका निभाई। 58 टेस्ट में 4154 रन बनाने वाले गंभीर ने दो साल तक फेयरवेल टेस्ट की उम्मीद की, लेकिन 2018 में उन्हें बिना विदाई मैच के संन्यास लेना पड़ा। उनकी उपलब्धियां हमेशा प्रशंसकों के दिलों में रहेंगी।
राहुल द्रविड़: दीवार बिना विदाई
‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ ने 164 टेस्ट में 13288 रन बनाए, जिसमें 36 शतक शामिल हैं। उनकी ठोस बल्लेबाजी ने भारत को कई जीत दिलाईं। लेकिन 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका आखिरी टेस्ट था, और उन्हें फेयरवेल टेस्ट नहीं मिला। द्रविड़ का रिटायरमेंट एक युग का अंत था।
युवराज सिंह: ऑलराउंडर का अधूरा सपना
युवराज सिंह ने अपने व्हाइट-बॉल करियर से पूरी दुनिया का दिल जीता, लेकिन टेस्ट में उनका योगदान भी कम नहीं था। 40 टेस्ट में 1900 रन बनाने वाले युवी ने 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेला। फेयरवेल टेस्ट के बिना उनका रिटायरमेंट प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रहा।
एमएस धोनी: कप्तान कूल की चुपके से विदाई
एमएस धोनी ने भारत को टेस्ट में नंबर वन बनाया और 90 टेस्ट में 4876 रन बनाए। लेकिन 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच अचानक टेस्ट से संन्यास की घोषणा ने सबको चौंका दिया। धोनी को फेयरवेल टेस्ट का मौका नहीं मिला, लेकिन उनकी विरासत अमर है।
आर अश्विन: स्पिन जादूगर का अंत
रविचंद्रन अश्विन भारत के दूसरे सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जिनके नाम 522 विकेट हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने अचानक रिटायरमेंट की घोषणा की, लेकिन फेयरवेल टेस्ट का मौका उन्हें भी नहीं मिला। अश्विन का योगदान भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रहेगा।
रोहित शर्मा: हिटमैन की आखिरी पारी
रोहित शर्मा ने 7 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया। 67 टेस्ट में 4301 रन बनाने वाले ‘हिटमैन’ ने 2024 में मेलबर्न में अपना आखिरी टेस्ट खेला। फेयरवेल टेस्ट के बिना उनका रिटायरमेंट कोहली की तरह ही चर्चा में रहा।
फेयरवेल टेस्ट: एक अधूरी परंपरा
फेयरवेल टेस्ट किसी खिलाड़ी के लिए सम्मान और विदाई का मौका होता है, लेकिन इन दिग्गजों को यह अवसर नहीं मिला। भारतीय क्रिकेट में यह एक ऐसी परंपरा है जो कई बार अधूरी रह जाती है। फिर भी, इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां और योगदान प्रशंसकों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।












