Vaibhav Suryavanshi Record Created a stir in Under-19 cricket at the age of 14: वैभव सूर्यवंशी रिकॉर्ड की बात करें तो क्रिकेट का मैदान इन दिनों उनके नाम से गूंज रहा है! मात्र 14 साल की उम्र में ये बिहारी बल्लेबाज अंडर-19 क्रिकेट में तहलका मचा रहा है। हाल ही में भारत और इंग्लैंड अंडर-19 के बीच हुई यूथ वनडे सीरीज में वैभव ने ऐसा धमाल मचाया कि क्रिकेट प्रेमी दंग रह गए। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम ने 3-2 से सीरीज जीती, लेकिन सूर्यवंशी इस जीत के असली सितारे रहे। 355 रन, 71 की औसत, और 174.01 की स्ट्राइक रेट ये आंकड़े किसी चमत्कार से कम नहीं! आइए, इस नन्हे सितारे की कहानी को करीब से जानते हैं, जिसने इतनी छोटी उम्र में इतिहास रच दिया।
आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने के बाद वैभव अब अंडर-19 क्रिकेट में भी छा गए हैं। एक शतक, एक अर्धशतक, और कई रिकॉर्ड तोड़ने वाली पारियां उनका बल्ला रुकने का नाम नहीं ले रहा। क्या है वैभव का जादू? और कैसे उन्होंने क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय लिखा? चलिए, इस कहानी को तफ्सील से समझते हैं।
Vaibhav Suryavanshi का ऐतिहासिक प्रदर्शन
भारत और इंग्लैंड अंडर-19 के बीच हुई पांच मैचों की यूथ वनडे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने 355 रन ठोक डाले। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ भारत को सीरीज जिताई, बल्कि कई रिकॉर्ड भी तोड़े। 71 की औसत और 174.01 की स्ट्राइक रेट के साथ वैभव ने एक नया कीर्तिमान बनाया। वो अंडर-19 वनडे क्रिकेट में 150 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 300 से अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले बांग्लादेश के तौहीद ह्रॉयडी ने 2019 में 431 रन बनाए थे, लेकिन उनकी स्ट्राइक रेट 114.62 थी। वैभव ने इस रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
सबसे तेज शतक का कारनामा
वैभव सूर्यवंशी रिकॉर्ड का सबसे चमकता सितारा रहा उनका चौथा वनडे। इस मैच में उन्होंने सिर्फ 52 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो यूथ वनडे इतिहास का सबसे तेज शतक है। 78 गेंदों में 143 रनों की उनकी पारी 183.33 की स्ट्राइक रेट के साथ आई। इसने पाकिस्तान के कामरान घुलाम का 2013 का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 66 गेंदों में 102 रन बनाए थे। वैभव की इस पारी ने न सिर्फ मैदान पर तालियां बटोरीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनकी खूब वाहवाही हुई।
सुरेश रैना को भी छोड़ा पीछे
वैभव ने तीसरे वनडे में 31 गेंदों में 86 रन बनाकर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। ये यूथ वनडे इतिहास की सबसे तेज 80+ रनों की पारी है। इससे पहले ये रिकॉर्ड भारत के सुरेश रैना के नाम था, जिन्होंने 2004 के अंडर-19 विश्व कप में 38 गेंदों में 90 रन बनाए थे। वैभव की 277.41 की स्ट्राइक रेट ने रैना के 236.84 के रिकॉर्ड को धूल चटा दी। इतनी छोटी उम्र में वैभव का ये जज्बा देखकर लगता है कि वो भविष्य में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बनेंगे।
वैभव भविष्य का सुपरस्टार?
14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने वो कर दिखाया, जो कई सीनियर खिलाड़ी नहीं कर पाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, आत्मविश्वास, और रिकॉर्ड तोड़ने की भूख ने क्रिकेट पंडितों को उनका मुरीद बना दिया। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल चुके वैभव अब अंडर-19 क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। फैंस उन्हें भविष्य का विराट कोहली या रोहित शर्मा कहने लगे हैं। लेकिन क्या वैभव इस उम्मीद पर खरे उतरेंगे? ये तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल उनका बल्ला रिकॉर्ड की बरसात कर रहा है।











