Bonded Labour Case Nuh: A person from Jind made a labourer work in the fields by keeping him hostage: (Bonded Labour Case Nuh) ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। हरियाणा के नूंह जिले में बिहार के किशनगंज निवासी 18 वर्षीय संतोष को एक अज्ञात व्यक्ति ने बंधुआ मजदूर बनाकर खेतों में काम करवाया। जब फसल कटाई के दौरान उसका हाथ मशीन में आकर कट गया, तो उसे इलाज दिलाने की बजाय सड़क पर लावारिस छोड़ दिया गया।
29 जुलाई की सुबह संतोष खून बहते हाथ के साथ नूंह-तावडू रोड पर पैदल चल रहा था। राहगीरों ने उसे देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। नूंह सदर थाना के एएसआई कमल सिंह मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
परिवार से बिछड़ने के बाद कैसे पहुंचा बंधुआ मजदूरी तक Bonded Labour Case Nuh
संतोष के भाई जितेंद्र ने बताया कि दो महीने पहले जब उनका परिवार कैथल से बिहार लौटने के लिए बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा था, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने संतोष को ₹10,000 महीने की मजदूरी का लालच देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद संतोष का कोई संपर्क नहीं रहा।
(Hand Injury Labour) के बाद संतोष को घर में बांधकर रखा जाता था और शाम को खेतों में काम करवाया जाता था। यह व्यक्ति जींद जिले का रहने वाला बताया गया है, लेकिन उसका गांव अभी तक स्पष्ट नहीं है। यह मामला (Labour Abuse Case) की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस की तत्परता से बची जान, परिवार से मिला पीड़ित
(Nuh Police News) के अनुसार, एएसआई कमल सिंह की तत्परता से संतोष को समय पर इलाज मिला और उसकी जान बचाई जा सकी। पुलिस ने बताया कि संतोष के शरीर पर कपड़े तक नहीं थे और वह बेहद कमजोर हालत में था।
परिजनों को सूचना मिलने पर वे नूंह पहुंचे और संतोष से मिले। इस घटना ने (Haryana Human Rights Case) को फिर से चर्चा में ला दिया है। पुलिस अब आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में काम कर रही है।










