Corruption in Haryana , Female Patwari’s assistant Shammi Gupta caught demanding a bribe of Rs 40,000: हरियाणा के अंबाला में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। महिला पटवारी रीना देवी के बाद अब उनके सहायक शम्मी गुप्ता को 40,000 रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ हरियाणा सरकार की सख्ती को दर्शाती है और आम लोगों में विश्वास जगाती है कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा।
रिश्वत का गोरखधंधा Corruption in Haryana
अंबाला के मानकपुर गांव के रहने वाले साहब सिंह ने एसीबी को शिकायत की थी कि पटवारी रीना देवी और उनका सहायक शम्मी गुप्ता उनकी जमीन का इंतकाल दर्ज करने के लिए 40,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
यह रिश्वतखोरी का मामला उस समय सामने आया, जब साहब सिंह ने अपनी जमीन के कागजी काम को पूरा करने की कोशिश की। इस शिकायत के आधार पर एसीबी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
5 मार्च 2025 को एसीबी ने रीना देवी को पटवार भवन, अंबाला में 40,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उस समय शम्मी गुप्ता मौके से फरार हो गया था। लेकिन एसीबी ने हार नहीं मानी और 2 मई 2025 को शम्मी गुप्ता को गुरुद्वारा चौक, सैक्टर-10, अंबाला शहर से धर दबोचा। माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जिला जेल अंबाला भेज दिया गया।
एसीबी की सख्त कार्रवाई
एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 7ए और बीएनएस की धारा 61(2) के तहत रीना देवी के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया था।
अब शम्मी गुप्ता की गिरफ्तारी के साथ इस रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कस गया है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।
यह मामला न केवल अंबाला के लिए, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए एक मिसाल है कि भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साहब सिंह जैसे आम नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग
यह गिरफ्तारी हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। रीना देवी और शम्मी गुप्ता जैसे लोग, जो आम लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं, अब कानून के शिकंजे में हैं।
यह घटना हरियाणा के लोगों के लिए एक राहत की खबर है, जो सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी से तंग आ चुके हैं। क्या यह कार्रवाई भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी? यह सवाल हर हरियाणवी के मन में है।











