Crime in Haryana Shocking incident in Haryana: Woman doctor murdered, accused of burning the body: हरियाणा के कोटपूतली-बहरोड़ इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। राजस्थान की 25 वर्षीय महिला डॉक्टर भावना यादव की निर्मम हत्या कर दी गई।
आरोप है कि पहले उन्हें धारदार हथियार से मारा गया और फिर उनके शव को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आइए, इस दुखद घटना की पूरी जानकारी समझते हैं।
एक मां का टूटा सपना Crime in Haryana
भावना यादव की मां गायत्री यादव के लिए 24 अप्रैल 2025 का दिन जिंदगी का सबसे काला दिन बन गया। उस दिन उन्हें एक अनजान युवक का फोन आया, जिसने घबराते हुए बताया कि उनकी बेटी भावना बुरी तरह जल गई है और उसे हिसार के सोनी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
गायत्री ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं हुआ कि उनकी मेहनती और होनहार बेटी के साथ ऐसा कुछ हो सकता है। वह तुरंत राजस्थान से हिसार के लिए निकल पड़ीं, लेकिन जब तक वह हॉस्पिटल पहुंचीं, उनकी दुनिया उजड़ चुकी थी।
जयपुर में टूटी आखिरी उम्मीद
सोनी हॉस्पिटल में भावना की हालत बेहद नाजुक थी। उनके शरीर पर गहरे जख्म और जलने के निशान थे। इलाज के दौरान उनकी हालत और बिगड़ गई।
परिवार ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर के प्रतिष्ठित एसएमएस हॉस्पिटल में शिफ्ट किया, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद 24 अप्रैल की रात भावना जिंदगी की जंग हार गईं। इस खबर ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डुबो दिया।
भावना की मेहनत और सपने
गायत्री यादव ने बताया कि उनकी बेटी भावना बेहद मेहनती और महत्वाकांक्षी थी। उन्होंने 2023 में फिलीपींस से MBBS की डिग्री हासिल की थी और दिल्ली के DEMS इंस्टीट्यूट से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।
वह ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई करती थीं और हर हफ्ते दिल्ली में वीकली टेस्ट देने जाती थीं। 21 अप्रैल को वह एक टेस्ट के लिए दिल्ली गई थीं, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। परिवार को लगा कि वह पढ़ाई में व्यस्त होगी, लेकिन 24 अप्रैल को आए फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया।
पुलिस जांच और जीरो एफआईआर
भावना की मां ने जयपुर के एसएमएस थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने उदेश यादव नामक युवक पर अपनी बेटी की हत्या का शक जताया। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की और मामले को हिसार के सिविल लाइन थाने में ट्रांसफर कर दिया।
पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है। गायत्री ने बताया कि सोनी हॉस्पिटल में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि भावना को कहां से लाया गया या उनकी हालत कैसे हुई। एक वीडियो कॉल में उन्हें भावना की गंभीर हालत दिखाई गई, जिसमें उनके शरीर पर जलने और चोटों के निशान साफ दिख रहे थे।
सवालों के घेरे में अस्पताल
गायत्री यादव ने अस्पताल प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सोनी हॉस्पिटल ने न तो भावना की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी दी और न ही यह बताया कि उन्हें वहां कैसे लाया गया। डॉक्टरों ने सिर्फ इतना कहा कि उनकी हालत गंभीर है और उन्हें तुरंत जयपुर रेफर करना होगा। इस अस्पष्टता ने परिवार के दुख को और बढ़ा दिया।
समाज में गुस्सा और सवाल
यह घटना न केवल भावना के परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा झटका है। एक युवा डॉक्टर, जो अपने सपनों को पूरा करने की राह पर थी, उसकी इतनी क्रूरता से हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर भावना के साथ ऐसा क्यों हुआ? उदेश यादव का इस मामले में क्या रोल है? और अस्पताल ने सही जानकारी क्यों नहीं दी? पुलिस की जांच से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की जिम्मेदारी और भविष्य
हरियाणा और राजस्थान पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद हिसार पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
इस तरह की घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं, खासकर महिलाओं के लिए। पुलिस पर अब यह जिम्मेदारी है कि वह इस मामले की तह तक जाए और दोषियों को सजा दिलाए।
एक अपील
भावना यादव की कहानी हर उस माता-पिता, बहन-भाई और दोस्त के लिए एक दर्दनाक स्मरण है, जो अपने प्रियजनों को सपने पूरे करने के लिए दुनिया में भेजते हैं।
यह घटना हमें यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे।













