Gurugram illegal dumping: Throwing garbage in the dark of night in Gurugram proved costly, 81 vehicles seized!: (गुरुग्राम में अवैध डंपिंग पर कार्रवाई) अब और सख्त हो गई है। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए जुलाई में एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान रात के समय सार्वजनिक स्थानों, ग्रीन बेल्ट और खाली जमीनों पर कचरा फेंकने वालों पर निगरानी रखी गई। अभियान के तहत 81 वाहन अवैध डंपिंग करते पकड़े गए, जिन पर ₹12 लाख 30 हजार का जुर्माना लगाया गया। (illegal dumping in Gurugram) अब कानून के शिकंजे में है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा या मलबा फेंकना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में नगर निगम ने सेनिटेशन सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया है, जो विशेष रूप से रात में गश्त करती है। इन टीमों के साथ पुलिस बल भी तैनात रहता है ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए।
सेनिटेशन सिक्योरिटी फोर्स की रात की गश्त से बढ़ी सख्ती Gurugram illegal dumping
नगर निगम की सेनिटेशन सिक्योरिटी फोर्स ने जुलाई में सेक्टर-48, सेक्टर-29, सेक्टर-65, घाटा, सेक्टर-18, खांडसा और सेक्टर-9 जैसे इलाकों में गहन निरीक्षण किया। इन इलाकों को (dumping hotspots in Gurugram) माना जाता है। गश्त के दौरान 81 वाहन अवैध रूप से कचरा गिराते पकड़े गए। उनके चालकों और मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया गया।
इस अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। निगमायुक्त ने कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ या लापरवाही के कारण गंदगी फैलाते हैं। ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे खुद कचरा फेंकें या किसी अन्य से फिंकवाएं।
नागरिकों से सहयोग की अपील: ‘मेरा शहर – मेरी जिम्मेदारी’
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें। निर्माण कार्य से उत्पन्न मलबा (C&D waste management) को बसई स्थित प्लांट तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। ‘मेरा शहर – मेरी जिम्मेदारी’ के भाव के साथ नागरिकों को इस अभियान में भागीदार बनने का आग्रह किया गया है।
इस पहल से न केवल शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि नागरिकों में जागरूकता भी बढ़ेगी। नगर निगम का संदेश साफ है—गुरुग्राम को स्वच्छ बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।












