Haryana corruption: Attack on corruption in Haryana: FCI manager caught red handed taking bribe of 30 thousand: हरियाणा के सोनीपत जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई ने सुर्खियां बटोरी हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रोहतक इकाई ने गोहाना में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के डिपो प्रबंधक धर्मेंद्र कटारिया को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई 9 जून 2025 को गोहाना स्थित FCI कार्यालय में की गई, जब आरोपी एक कर्मचारी से अनुचित लाभ के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर किया है और ACB की सतर्कता को रेखांकित किया है।Haryana corruption
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक शिकायतकर्ता, जो गोहाना FCI में यू.डी.सी. क्लर्क के पद पर कार्यरत है, ने ACB को अपनी शिकायत दर्ज की। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका हाल ही में जींद के सफीदो FCI से गोहाना FCI में स्थानांतरण हुआ था।
इसके बाद, डिपो प्रबंधक धर्मेंद्र कटारिया ने उनका स्थानांतरण बरोदा (सोनीपत) FCI में कर दिया। अब, उसी प्रबंधक ने शिकायतकर्ता से उनके स्थानांतरण को वापस गोहाना FCI में करने और उनके ओवरटाइम भत्ते को मंजूरी देने के बदले 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। यह मांग अनैतिक थी और शिकायतकर्ता ने तुरंत ACB को इसकी सूचना दी।
ACB की रोहतक टीम ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने एक जाल बिछाया और धर्मेंद्र कटारिया को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए FCI के गोहाना कार्यालय से रंगे हाथों पकड़ लिया।
रिश्वत की राशि को जब्त कर लिया गया और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ACB भ्रष्ट अधिकारियों को बख्शने के मूड में नहीं है।
हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख ने इस घटना के बाद जनता से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के किसी भी मामले की जानकारी बिना डर के साझा करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी उनके कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो लोग तुरंत ACB के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर संपर्क करें।
यह अपील आम लोगों में विश्वास जगाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करती है। इस कार्रवाई ने न केवल एक भ्रष्ट अधिकारी को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि यह भी दिखाया कि हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज हो रही है।











