Haryana cyber crime: They used to cheat people by creating fake profiles in the name of senior officers: (नूंह साइबर ठगी मामला) ने एक बार फिर साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर किया है। साइबर थाना नूंह की टीम ने दो ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो वरिष्ठ IPS अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों से पैसे ऐंठते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिद (20 वर्ष) और मुनफेद (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नूंह जिले के पचगांव गांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से 6 फर्जी सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। (fake IPS profile scam)
कैसे करते थे ठगी और क्या मिला पुलिस को? Haryana cyber crime
दोनों आरोपी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। वे खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर मदद के नाम पर पैसों की मांग करते थे। पुलिस को इनके मोबाइल में फर्जी इंस्टाग्राम आईडी और ठगी के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। (Instagram fraud case)
डीएसपी हरिंदर कुमार ने बताया कि गश्त के दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ये दोनों युवक फर्जी सिम और मोबाइल का इस्तेमाल कर साइबर ठगी में लिप्त हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नूंह-तावडू रोड पर वन विभाग हर्बल पार्क के पास छापेमारी की और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। (Nuh police arrest)
पूछताछ में कबूला अपराध, भेजे गए न्यायिक हिरासत में
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने हरियाणा के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी और दिल्ली के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के नाम पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। उन्होंने इन पहचान का दुरुपयोग कर लोगों से पैसे ऐंठे। (IPS identity misuse)
साइबर थाना नूंह में मामला दर्ज कर दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। रिमांड के दौरान गहन पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। (cyber crime Haryana)
(नूंह साइबर ठगी मामला) यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया पर किसी की पहचान का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच से ऐसे अपराधों पर लगाम लगाना संभव है।













