Jyoti Malhotra Case: Deleted data recovered, big disclosure in bank accounts! Forensic investigation revealed big secrets!: हिसार की यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के जासूसी केस (Jyoti Malhotra espionage case) ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में पकड़ी गई ज्योति का चार दिन का पुलिस रिमांड पूरा हो चुका है, और अब पुलिस सोमवार, 26 मई 2025 को उसे फिर से कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।
इस बीच, फोरेंसिक जांच (forensic investigation) में ज्योति के लैपटॉप और मोबाइल से डिलीट डेटा (deleted data) रिकवर किया गया है, जो इस केस में नया मोड़ ला सकता है। साथ ही, पुलिस ने ज्योति और उसके परिवार के बैंक खातों (bank accounts) की जांच में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं। आइए, इस मामले की ताजा स्थिति और जांच के नए खुलासों को विस्तार से समझें।
ज्योति मल्होत्रा जासूसी केस: डिलीट डेटा का खुलासा Jyoti Malhotra Case
ज्योति मल्होत्रा का मामला तब और गंभीर हो गया, जब फोरेंसिक लैब (forensic lab) ने उसके लैपटॉप और मोबाइल से डिलीट डेटा (deleted data) को रिकवर किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह डेटा ज्योति की गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों (suspicious contacts) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है। जांच एजेंसियां इस डेटा का मिलान करने के लिए ज्योति का रिमांड दोबारा मांग सकती हैं।
इसके अलावा, कुरुक्षेत्र के एक अन्य संदिग्ध, हरकीरत के दो मोबाइल भी फोरेंसिक जांच (forensic investigation) के लिए भेजे गए हैं। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां ज्योति से लगातार पूछताछ कर रही हैं, जिसमें विभिन्न राज्यों की पुलिस भी शामिल है। यह जांच अब राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के लिए बेहद संवेदनशील हो चुकी है।
बैंक खातों की जांच में क्या आया सामने?
पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा के बैंक खातों (bank accounts) की गहन जांच की और कुछ हैरान करने वाले तथ्य सामने लाए। ज्योति का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) खाता, जो 2011-12 में खोला गया था, सितंबर 2024 तक लगभग निष्क्रिय (dormant account) हो चुका था। पिछले तीन सालों में इस खाते में कोई बड़ा लेन-देन (financial transactions) नहीं हुआ, और खाते में 10 रुपये से भी कम राशि थी।
ऐसे में सवाल उठता है कि ज्योति ने पाकिस्तान, चीन, दुबई, और थाईलैंड जैसे देशों की महंगी यात्राएं (international travel) कैसे कीं? वह महंगे होटलों में रुकी और देश के कई राज्यों में भी घूमी। पुलिस को शक है कि ज्योति की आय का स्रोत उसकी यूट्यूब कमाई (YouTube earnings) से कहीं अधिक था।
जांच में यह भी पता चला कि ज्योति के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के खातों की डिटेल भी पुलिस ने हासिल की है। हालांकि, पुलिस और बैंक अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये खाते ज्योति के थे या उनके परिवार वालों के।
ज्योति के पिता और ताऊ के बैंक खातों (bank accounts) की भी जांच की गई, लेकिन कोई बड़ा लेन-देन नहीं मिला। यह रहस्य गहराता है कि ज्योति के पास इतने पैसे कहां से आए, जो उसने विदेश यात्राओं और लग्जरी लाइफस्टाइल (luxury lifestyle) पर खर्च किए।
परिवार की परेशानी और कोर्ट की पेशी
ज्योति के पिता, हरीश मल्होत्रा, जो हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी में रहते हैं, ने बताया कि उन्हें रविवार को एक महिला पुलिस कर्मचारी का फोन आया, जिसमें कहा गया कि वे सोमवार को ज्योति की कोर्ट पेशी (court appearance) के दौरान कोर्ट न आएं। हरीश ने बताया कि पिछली पेशी के दौरान भी उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया गया, और पेशी का समय बदलकर सुबह कर दिया गया।
परिवार इस स्थिति से परेशान है और ज्योति से मिलने में असमर्थ है। यह स्थिति इस केस की गंभीरता को और उजागर करती है।
जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू
ज्योति मल्होत्रा जासूसी केस (Jyoti Malhotra espionage case) अब केवल एक स्थानीय मामला नहीं रहा। पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के दृष्टिकोण से देख रही हैं। ज्योति की विदेश यात्राएं, संदिग्ध संपर्क (suspicious contacts), और रहस्यमयी आय के स्रोत इस केस को और जटिल बनाते हैं।
पुलिस को शक है कि ज्योति के सोशल मीडिया (social media) की कमाई के अलावा अन्य स्रोतों से भी उसे फंडिंग मिल रही थी। जांच एजेंसियां इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ज्योति किसी बड़े जासूसी नेटवर्क (espionage network) का हिस्सा थी।
लोगों के लिए क्या है सलाह?
यह केस आम लोगों के लिए भी एक सबक है। सोशल मीडिया (social media) पर सक्रिय रहने वाले लोगों को अपनी गतिविधियों और संपर्कों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों या अनजान लोगों से संपर्क की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए। साथ ही, डिजिटल साक्षरता (digital literacy) और साइबर सिक्योरिटी (cyber security) के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
ज्योति मल्होत्रा जासूसी केस (Jyoti Malhotra espionage case) में अभी कई सवाल अनसुलझे हैं। डिलीट डेटा (deleted data) और बैंक खातों की जांच से नए सुराग मिल सकते हैं।
पुलिस की अगली रणनीति और कोर्ट की सुनवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। यह केस न केवल ज्योति के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के लिए भी बड़ा सबक हो सकता है।












