ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Jyoti Malhotra Case: ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामला 2025: NIA की सख्त पूछताछ, हरियाणा में खुलेंगे गहरे राज!

On: May 20, 2025 6:40 AM
Follow Us:
Jyoti Malhotra Case: ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामला 2025: NIA की सख्त पूछताछ, हरियाणा में खुलेंगे गहरे राज!
Join WhatsApp Group

Jyoti Malhotra Case: Jyoti Malhotra espionage case 2025: Strict interrogation by NIA, deep secrets will be revealed in Haryana: हरियाणा के हिसार में ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामला (Jyoti Malhotra Espionage Case) ने राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) को लेकर सनसनी मचा दी है। यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के लिए जासूसी (espionage) करने का आरोप है, और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में सात घंटे तक गहन पूछताछ (interrogation) की है।

ज्योति के दो साल में तीन बार पाकिस्तान दौरे, पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) के समय उसकी गतिविधियां, और सोशल मीडिया (social media) पर अपलोड किए गए वीडियो जांच के दायरे में हैं। यह मामला न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी और एनआईए की जांच के ताजा अपडेट।

ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामला: क्या है पूरा विवाद? Jyoti Malhotra Case

ज्योति मल्होत्रा, एक यूट्यूबर (YouTuber), पर पाकिस्तान के लिए संवेदनशील जानकारी (sensitive information) साझा करने का आरोप है। एनआईए ने सोमवार, 20 मई 2025 को उससे सात घंटे तक पूछताछ (interrogation) की, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) से जुड़े संभावित लिंक की जांच की गई। ज्योति ने जनवरी 2025 में पहलगाम, गुलमर्ग, डल झील, और लद्दाख की पैंगॉन्ग झील के वीडियो बनाए थे।

ये वीडियो क्या अनजाने में बनाए गए या किसी के इशारे पर, इस सवाल का जवाब एनआईए तलाश रही है। इसके अलावा, ज्योति का दो साल में तीन बार पाकिस्तान जाना और वहां हिंदुओं के प्रति सद्भावना दिखाने वाले वीडियो बनाना (propaganda videos) भी जांच एजेंसी को शक के घेरे में ला रहा है।

दिल्ली मेट्रो फेज 4: इस साल के अंत तक शुरू होंगे 3 नए रूट, 41 किमी बढ़ेगा नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो फेज 4: इस साल के अंत तक शुरू होंगे 3 नए रूट, 41 किमी बढ़ेगा नेटवर्क

एनआईए की जांच और तकनीकी पड़ताल

एनआईए इस मामले को कई पहलुओं से खंगाल रही है। ज्योति के मोबाइल और लैपटॉप को फॉरेंसिक जांच (forensic analysis) के लिए करनाल के मधुबन भेजा गया है, जहां फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) डेटा की जांच कर रही है।

इन उपकरणों से मिलने वाली जानकारी से कई बड़े खुलासे (revelations) होने की संभावना है। पुलिस ने ज्योति की लोकेशन को बार-बार बदलकर पूछताछ की, जिसमें उसे महिला थाना, सिविल लाइन थाना, और सीआईए कार्यालय ले जाया गया। इसके साथ ही, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हरकीरत के मोबाइल की भी जांच (device scrutiny) की जा रही है, हालांकि उन्हें रिहा कर दिया गया है।

ज्योति का पहलगाम कनेक्शन और सवाल

पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) के समय ज्योति की गतिविधियां एनआईए के लिए संदिग्ध हैं। जनवरी 2025 में, जब पहलगाम में आमतौर पर पर्यटक (tourists) कम आते हैं, ज्योति वहां क्यों गई? उसके वीडियो में क्या संदेश था, और क्या ये वीडियो आतंकियों (terrorists) को किसी तरह की मदद पहुंचाने के लिए बनाए गए? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए एनआईए गहन जांच (investigation) कर रही है।

ज्योति ने एक दो मिनट का वीडियो भी अपलोड किया था, जिसमें उसने कहा कि आतंकवादियों की मदद करने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय नहीं हो सकता। यह बयान भी जांच के दायरे में है।

डिजिटल अरेस्ट से बुजुर्गों को बचाएगा बैंकों का नया 'Dual OTP' सिस्टम, पुलिस ने जारी की सख्त गाइडलाइंस 
डिजिटल अरेस्ट से बुजुर्गों को बचाएगा बैंकों का नया ‘Dual OTP’ सिस्टम, पुलिस ने जारी की सख्त गाइडलाइंस 

परिवार का दर्द और ज्योति का पक्ष

ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने अपनी बेटी को बेकसूर बताया है, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि उसका पाकिस्तान जाना गलत फैसला था। रविवार देर रात पुलिस ज्योति को उसके घर ले गई, जहां उसने अपने कपड़े लिए और फिर पुलिस के साथ वापस चली गई।

हरीश ने बताया कि ज्योति लॉकडाउन से पहले दिल्ली में नौकरी (job loss) करती थी, लेकिन नौकरी छूटने के बाद परिवार छोटे भाई की पेंशन पर निर्भर था। उन्होंने कहा कि ज्योति के पाकिस्तान दौरे और वीडियो के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी। हरीश का दुख इस बात से भी है कि इस मुश्किल समय में पड़ोसियों ने भी उनका साथ छोड़ दिया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी

ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामला (Jyoti Malhotra Espionage Case) ने सोशल मीडिया (social media) की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं।

यूट्यूबर और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संवेदनशील जानकारी (sensitive information) को अनजाने में या जानबूझकर साझा कर सकते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) के लिए खतरा बन सकता है। एनआईए और पुलिस इस मामले में सोशल मीडिया की भूमिका की भी जांच (social media scrutiny) कर रही हैं। यह मामला हमें यह सिखाता है कि डिजिटल युग में सतर्कता और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है।

Google Fine News: गूगल पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन, 30 लाख का जुर्माना, बदलेगा विज्ञापन का तरीका
Google Fine News: गूगल पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा एक्शन, 30 लाख का जुर्माना, बदलेगा विज्ञापन का तरीका

हरियाणा और देश के लिए सबक

यह मामला हरियाणा ही नहीं, पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) हर नागरिक की जिम्मेदारी है, और संदिग्ध गतिविधियों (suspicious activities) की तुरंत सूचना देना जरूरी है।

एनआईए की सख्त कार्रवाई (strict action) और जांच से उम्मीद है कि इस मामले के पीछे के सारे राज जल्द खुलेंगे। ज्योति मल्होत्रा जासूसी मामला (Jyoti Malhotra Espionage Case) हमें यह भी सिखाता है कि सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली सामग्री पर सावधानी बरतनी होगी।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment