Kurukshetra Crime, Big fraud with a girl in Kurukshetra , 5.80 lakhs cheated in the name of sending her to America, case registered against two: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में एक युवती के सपनों को चकनाचूर करने वाली ठगी की घटना सामने आई है। विदेश में पढ़ाई का सपना दिखाकर दो आरोपियों ने युवती के परिवार से 5.80 लाख रुपये हड़प लिए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना उन लोगों के लिए सबक है, जो विदेश जाने के लिए अनजान एजेंटों पर भरोसा करते हैं।
विदेश के सपने का झांसा Kurukshetra Crime
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद निवासी एक युवती अमेरिका में स्टडी वीजा के जरिए पढ़ाई करने का सपना देख रही थी। इसके लिए उसके पिता ने चंडीगढ़ के आशीष कुमार से संपर्क किया।
आशीष ने खुद को और अपने साथी विक्रमजीत सिंह को इमिग्रेशन एजेंट बताते हुए चंडीगढ़ में कार्यालय होने का दावा किया। दोनों ने युवती को 15 लाख रुपये में स्टडी वीजा के जरिए अमेरिका भेजने का वादा किया। इस झांसे में आकर परिवार ने 2023 में आशीष को 5.80 लाख रुपये दे दिए।
ठगी का खुलासा
पैसे लेने के बाद आरोपियों ने न तो वीजा दिलवाया और न ही कोई ठोस प्रगति दिखाई। कई बार संपर्क करने पर भी आशीष और विक्रमजीत टालमटोल करते रहे।
जब परिवार को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने शाहाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। युवती के पिता ने बताया कि इस ठगी ने उनके परिवार को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है। 5.80 लाख रुपये उनकी मेहनत की कमाई थी, जो अब डूब चुकी है।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद कुरुक्षेत्र पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। आशीष कुमार और विक्रमजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनके कार्यालय, बैंक खातों, और अन्य गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की ठगी के मामले बढ़ रहे हैं, और लोगोें को सतर्क रहने की जरूरत है।
बढ़ती ठगी की घटनाएं
यह घटना कुरुक्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी की बढ़ती वारदातों की ओर इशारा करती है।
कई लोग विदेश में बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं, लेकिन फर्जी एजेंटों के चक्कर में अपनी जमा-पूंजी गंवा बैठते हैं। खासकर स्टडी वीजा और वर्क परमिट के नाम पर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भी चिंता पैदा कर दी है।
सतर्कता है जरूरी
पुलिस और विशेषज्ञ बार-बार लोगों को आगाह कर रहे हैं कि विदेश जाने के लिए केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंटों पर ही भरोसा करें। किसी भी एजेंट को पैसे देने से पहले उनके दस्तावेज, लाइसेंस, और पिछले रिकॉर्ड की जांच कर लें। इसके अलावा, बड़ी राशि का भुगतान करने से पहले वीजा प्रक्रिया की प्रगति को लिखित रूप में लेना चाहिए। इस तरह की सावधानी से ठगी से बचा जा सकता है।
पीड़ित परिवार की उम्मीद
युवती और उसके परिवार को अब पुलिस पर भरोसा है कि उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलेगी। यह ठगी उनके लिए केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि एक भावनात्मक आघात भी है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। साथ ही, वे अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश भी कर रहे हैं, जो इन आरोपियों के शिकार हो सकते हैं।
समाज के लिए सबक
यह घटना हमें सिखाती है कि जल्दबाजी में लिए गए फैसले भारी पड़ सकते हैं। विदेश जाने का सपना बुरा नहीं, लेकिन उसे हकीकत में बदलने के लिए सही रास्ता चुनना जरूरी है। बिहार सरकार और प्रशासन से भी अपेक्षा है कि ऐसी ठगी पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं और फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई हो।












