Kurukshetra Crime: Fetal sex determination racket busted in Kurukshetra: Doctor and broker arrested, ultrasound machine seized: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने एक गैरकानूनी भ्रूण लिंग जांच रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-30 के एक मकान में छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक डॉक्टर और उसके दलाल को रंगे हाथों पकड़ लिया।
दोनों गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की लिंग जांच करने में लिप्त थे। इस ऑपरेशन में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, 30 हजार रुपये नकद, और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। यह कार्रवाई न केवल अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने की दिशा में एक कदम है, बल्कि समाज में लिंग भेदभाव को रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।Kurukshetra Crime
स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कुरुक्षेत्र के हंसाला गांव का सुखदेव अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच का धंधा चला रहा है। इस जानकारी के आधार पर विभाग ने एक विशेष टीम गठित की और एक जाल बिछाया। एक डिकॉय ग्राहक को तैयार किया गया, जिसने सुखदेव से संपर्क कर 30 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा तय किया।
सुखदेव ने डिकॉय को सुबह 11 बजे एक मकान में बुलाया, जहां सहारनपुर से आए डॉक्टर आकाश ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच शुरू की। डिकॉय को गर्भ में लड़का होने की बात बताई गई। तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारकर दोनों को धर दबोचा।
छापेमारी के दौरान सुखदेव के पास से डिकॉय द्वारा दिए गए 30 हजार रुपये और आकाश के पास से अल्ट्रासाउंड मशीन व मोबाइल बरामद हुआ। जांच में पता चला कि सुखदेव के खिलाफ पहले से पीएनडीटी एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं, जबकि डॉक्टर आकाश के खिलाफ तीन केस चल रहे हैं।
आकाश सहारनपुर का निवासी है और विशेष रूप से इस अवैध काम के लिए कुरुक्षेत्र आया था। नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि ने बताया कि इस कार्रवाई से भ्रूण लिंग जांच के अवैध नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, और जल्द ही इस रैकेट के अन्य कड़ियों का भी पता लगाया जाएगा।
यह कार्रवाई समाज में लिंग भेदभाव को खत्म करने और गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता से न केवल कुरुक्षेत्र, बल्कि पूरे हरियाणा में ऐसे अवैध कारोबार पर नजर रखने की जरूरत को बल मिला है। लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और लिंग जांच जैसे अपराधों पर पूरी तरह रोक लग सके।











