Tehsildar video viral: Tehsildar video goes viral, talk of money transaction in Sirsa, Congress MLA exposes the truth: तहसीलदार वीडियो वायरल (Tehsildar video viral) की घटना ने हरियाणा के सिरसा में हड़कंप मचा दिया है।
सिरसा के तहसीलदार भुवनेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें वे पैसे के लेन-देन (money transaction) की बात करते और गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो तहसील कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे (CCTV footage) में कैद हुआ है। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने इसे शेयर कर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। यह मामला भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी।
सीसीटीवी में कैद हुआ विवाद Tehsildar video viral
सिरसा के तहसील कार्यालय में 10-15 दिन पहले का एक वीडियो वायरल (viral video) हो रहा है। इसमें तहसीलदार भुवनेश अपने स्टाफ के साथ पैसे के लेन-देन (money transaction) पर चर्चा करते दिख रहे हैं। वीडियो में वे किसी पार्टी का नाम लेकर बार-बार गाली-गलौज कर रहे हैं।
इस दौरान आम लोग इंतकाल और कागजी कार्रवाई के लिए कार्यालय में आते-जाते दिखे, लेकिन तहसीलदार और स्टाफ अपनी बातचीत में व्यस्त रहे। यह वीडियो सीसीटीवी कैमरे (CCTV footage) से लिया गया है, न कि किसी मोबाइल से। इसने प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मचा दी है।
कांग्रेस विधायक का खुलासा
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने तहसीलदार भुवनेश पर भ्रष्टाचार (corruption) का आरोप लगाया और सरकार से कार्रवाई की मांग की। सेतिया का कहना है कि यह वीडियो सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
इस खुलासे ने न केवल तहसीलदार बल्कि पूरे प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। लोग अब इस मामले की जांच (investigation) और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
प्रशासन पर उठे सवाल
तहसीलदार वीडियो वायरल (Tehsildar video viral) की घटना ने सिरसा के प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
भुवनेश पहले हिसार और फतेहाबाद में भी तहसीलदार रह चुके हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन इसकी जांच कर रहा है कि यह सीसीटीवी फुटेज (CCTV footage) बाहर कैसे पहुंचा। लोग मांग कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार (corruption) के इस मामले में सख्त कार्रवाई हो। यह घटना आम लोगों के बीच सरकारी कार्यालयों के प्रति अविश्वास को और गहरा सकती है।











