Water crisis in Hisar: Liquor party at SCADA water tank, lakhs of litres of water wasted: हरियाणा के हिसार शहर में जल संकट के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के स्काडा जलघर, जो लाखों लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनाया गया था,
वहां कर्मचारियों की लापरवाही ने लाखों लीटर पानी को व्यर्थ बहा दिया। इस जलघर में रात के समय शराब पार्टी का आयोजन किया गया, जिसके बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पानी सड़कों पर बहने लगा। आइए, इस घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
स्काडा जलघर: हिसार की जीवन रेखा Water crisis in Hisar
हिसार के अनाज मंडी, सुंदर नगर, हाउसिंग बोर्ड, सेक्टर 14, बस अड्डा जैसे कई इलाकों को पानी की आपूर्ति के लिए साल 2016 में स्काडा जलघर का निर्माण किया गया था। हिसार-दिल्ली बाइपास के पास 49.5 एकड़ जमीन पर बने इस जलघर की लागत 80 करोड़ रुपये थी।
इसकी क्षमता 255 मिलियन लीटर है, जो शहर की छह दिन की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। वर्तमान में यह जलघर 30 प्रतिशत तक भरा हुआ था, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही ने इस महत्वपूर्ण संसाधन को बर्बाद कर दिया।
शराब पार्टी और पानी की बर्बादी
हरियाणा में पहले से ही जल संकट की स्थिति है, ऐसे में स्काडा जलघर में हुई यह घटना लोगों के लिए गुस्से का कारण बन गई है। जानकारी के मुताबिक, जलघर में तैनात कुछ कर्मचारियों ने रात के समय वहां शराब पार्टी का आयोजन किया। पार्टी के बाद वे शराब की बोतलें और अन्य सामान मौके पर ही छोड़कर भाग गए।
इस दौरान जलघर से पानी ओवरफ्लो होने लगा और यह पानी पूरे परिसर में फैल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पानी मेन रोड से लगभग एक किलोमीटर दूर मेला ग्राउंड, सेक्टर 21 तक बह गया।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
जब यह मामला स्थानीय नगर निगम पार्षदों के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को सूचित किया।
लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है, क्योंकि जल संकट के समय पानी की ऐसी बर्बादी अस्वीकार्य है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह जलघर उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है, और कर्मचारियों की ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच के आदेश, दोषियों पर कार्रवाई का वादा
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) शशीकांत ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
तत्काल कार्रवाई करते हुए विभाग ने अन्य कर्मचारियों को भेजकर पानी के ओवरफ्लो को बंद कराया। साथ ही, पानी की बर्बादी के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
जल संकट के बीच सबक
यह घटना न केवल कर्मचारियों की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जल संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर देती है। हिसार जैसे शहर, जहां पानी की कमी पहले से ही एक बड़ी समस्या है, वहां इस तरह की बर्बादी न केवल संसाधनों का अपमान है, बल्कि आम लोगों की मुश्किलों को और बढ़ाती है। इस घटना ने प्रशासन और नागरिकों दोनों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जल संसाधनों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।












