ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Munawar Faruqui Poem on Pahalgam Attack: पहलगाम हमले पर मुनव्वर फारूकी की कविता, दर्द और सियासत का आलम

On: April 24, 2025 7:54 AM
Follow Us:
Munawar Faruqui Poem on Pahalgam Attack: पहलगाम हमले पर मुनव्वर फारूकी की कविता, दर्द और सियासत का आलम
Join WhatsApp Group

Munawar Faruqui Poem on Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया। इस भयावह हमले में 28 मासूम लोगों की जान चली गई, जबकि 17 अन्य घायल हुए। इस त्रासदी ने न केवल आम लोगों, बल्कि बॉलीवुड और टेलीविजन जगत के सितारों को भी गहरे आघात पहुंचाया।

हर कोई इस क्रूरता के खिलाफ आवाज उठा रहा है और दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहा है। इस बीच, मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन और बिग बॉस 17 के विजेता मुनव्वर फारूकी ने अपनी कविता के जरिए दिल का दर्द बयां किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Munawar Faruqui Poem on Pahalgam Attack: मुनव्वर की कविता

मुनव्वर फारूकी ने पहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मार्मिक कविता साझा की, जिसमें उन्होंने आतंकवाद की क्रूरता और सियासत की सच्चाई को उजागर किया। उनकी कविता की पंक्तियां हैं, “खुदा माफ नहीं करता है किसी के दिल को तोड़ना। फिर खून किसी बेकसूर का तो दूर की बात है।

इंसाफ रह जाएगा पीछे, आगे होगी फिर से सियासत। मेरी जमीन पर मातम तो यहां रोज की बात है।” इस कविता में मुनव्वर ने मासूमों की हत्या पर गुस्सा जाहिर किया और यह सवाल उठाया कि क्या इंसाफ सिर्फ सियासत की भेंट चढ़ जाएगा। उनकी यह रचना लोगों के दिलों को छू गई और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।

सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन

मुनव्वर की कविता ने न केवल उनके प्रशंसकों, बल्कि आम लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “बेगुनाहों के खून पर अब सिर्फ सियासत हो रही है। मुनव्वर ने सच को बयां किया।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “कविता दिल को छू गई, लेकिन सियासत की सच्चाई को कौन समझेगा?

यह हमेशा अपनों को ही दुख देती है।” मुनव्वर के अलावा, अभिनेता करण वीर मेहरा ने भी एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते हुए कविता पढ़ते नजर आए। इन सितारों की आवाज ने एकता और इंसाफ की मांग को और मजबूत किया।

सोनी पल पर लौटा 'संकट मोचन हनुमान', फिर दिखेगा बजरंगबली का दिव्य सुपरहीरो अवतार
सोनी पल पर लौटा ‘संकट मोचन हनुमान’, फिर दिखेगा बजरंगबली का दिव्य सुपरहीरो अवतार

एक संदेश, जो गूंज रहा है

मुनव्वर फारूकी की कविता सिर्फ शब्दों का समूह नहीं, बल्कि एक ऐसी आवाज है, जो आतंकवाद के खिलाफ गुस्से और इंसाफ की उम्मीद को दर्शाती है। उनकी पंक्तियां हमें याद दिलाती हैं कि मासूमों का खून बहना सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक गहरी सामाजिक और राजनीतिक विफलता है। क्या उनकी यह कविता समाज को जागृत कर पाएगी, या फिर यह भी सियासत के शोर में खो जाएगी? यह सवाल हर किसी के मन में है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment