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हरियाणा राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: ऑफलाइन पैमाइश बंद, ई-जीआरएस पोर्टल पर ऐसे करें अप्लाई

On: अप्रैल 28, 2026 2:20 अपराह्न
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हरियाणा राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: ऑफलाइन पैमाइश बंद, ई-जीआरएस पोर्टल पर ऐसे करें अप्लाई
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हिसार, 28 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने भ्रष्टाचार और आपसी झगड़ों की जड़ ‘जमीन पैमाइश’ में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब पारंपरिक फीते या जरीब से जमीन नहीं नापी जाएगी। राजस्व विभाग ने अब ‘जीएनएसएस (GNSS) रोवर्स मशीन’ से पैमाइश को अनिवार्य कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पैमाइश के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने होंगे। लोगों को ई-जीआरएस (e-GRS) पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। हिसार सहित प्रदेश के सभी जिलों में ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर दी गई है।

सैटेलाइट से सीधे जुड़ेंगी तहसीलें

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रोवर्स मशीन सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स से सिग्नल प्राप्त करती है। इसे हरियाणा में स्थापित 19 कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रिफरेंस स्टेशन (CORS) नेटवर्क से जोड़ा गया है। यह तकनीक अक्षांश और देशांतर के आधार पर 1 से 2 सेंटीमीटर तक की सटीकता देती है। हिसार जिले की 6 तहसीलों और 3 उप-तहसीलों को 17 रोवर्स मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जिले में 120 से अधिक लोग ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, जिनकी पैमाइश जल्द शुरू होगी।

कृषि और शहरी भूमि के लिए अलग दरें

सरकार ने इस नई व्यवस्था के लिए फीस का ढांचा भी स्पष्ट कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 3 एकड़ कृषि भूमि की पैमाइश करवाने पर कुल 2500 रुपये का खर्च आएगा। इसमें पहले एकड़ के लिए 1000 रुपये, दो अतिरिक्त एकड़ के लिए 1000 रुपये (500 प्रति एकड़) और 500 रुपये स्थानीय कमीशन शुल्क शामिल है। गैर-कृषि भूमि जैसे फार्म हाउस के लिए पहले एकड़ की फीस 2000 रुपये तय की गई है। शहरी क्षेत्रों में 500 वर्ग गज तक के प्लॉट के लिए 2000 रुपये का फ्लैट रेट रखा गया है, जबकि इससे बड़े प्लॉट के लिए 3000 रुपये फीस और 1000 रुपये कमीशन देना होगा।

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पटवारी नहीं बदल सकेंगे डेटा

इस नई तकनीक का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को मिलेगा। रोवर्स मशीन में संबंधित गांव का डिजिटल नक्शा पहले से लोड रहता है। जैसे ही पैमाइश पूरी होती है, मशीन का डेटा सीधे राजस्व विभाग के मुख्य सर्वर पर अपलोड हो जाता है। इसमें किसी भी स्तर पर मानवीय छेड़छाड़ संभव नहीं है। इससे पड़ोसियों के बीच होने वाले सीमा विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे। पटवारियों को इस मशीन को चलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है, ताकि डिजिटल हरियाणा की इस मुहिम को धरातल पर उतारा जा सके।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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