Haryana Panchayat Godown Scheme : हरियाणा सरकार ने गांवों में अनाज की बर्बादी रोकने के लिए ग्राम पंचायतों की जमीन पर आधुनिक गोदाम और साइलो बनाने की बड़ी योजना शुरू की है। हरियाणा राज्य वेयरहाउस निगम 2 से 30 एकड़ तक पंचायती जमीन लेकर आधुनिक भंडारण केंद्र बनाएगा। निगम के चेयरमैन रामकिशन शर्मा ने भिवानी दौरे पर इस योजना का ऐलान करते हुए ग्राम पंचायतों से आवेदन की शर्तें स्पष्ट की हैं।
haryana state warehousing corporation godown scheme : हरियाणा सरकार ने किसानों की मेहनत की फसल को मौसम की मार से बचाने के लिए ग्रामीण स्तर पर भंडारण ढांचा मजबूत करने की योजना लागू की है। हरियाणा राज्य वेयरहाउस निगम ग्राम पंचायतों से 2 से 30 एकड़ तक जमीन लेकर आधुनिक गोदामों और साइलो का निर्माण करवाएगा। भिवानी जिले के दौरे पर पहुंचे वेयरहाउस निगम के चेयरमैन रामकिशन शर्मा ने इस योजना की आधिकारिक घोषणा करते हुए पंचायतों को सीधे जोड़ने की बात कही।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज की बर्बादी रोकने और खाद्य सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है। सरकार ने भिवानी जिले को इस महत्वाकांक्षी परियोजना में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया है।
जमीन देने की मुख्य शर्तें
अनाज भंडारण केंद्र या साइलो स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायत के पास कम से कम 2 से 6 एकड़ भूमि ऊंचे स्थान पर होनी चाहिए। जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर और अच्छे जल निकास वाली जमीन को ही इस योजना के लिए चुना जाएगा।
गोदाम स्थल तक बड़े वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए कम से कम 30 फीट चौड़ा संपर्क मार्ग होना अनिवार्य किया गया है। मुख्य सड़क मार्ग के नजदीक स्थित भूमि को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी।
पंचायती मंजूरी और कानूनी नियम
ग्राम पंचायत की भूमि को पट्टे पर देने या सरकार को सौंपने के लिए पंचायत सदस्यों और ग्राम सभा का आधिकारिक प्रस्ताव पास होना जरूरी है। ग्राम सभा की औपचारिक सहमति के बिना जमीन अधिग्रहण की फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
यदि चयनित पंचायती भूमि कृषि योग्य श्रेणी में आती है, तो उसका उपयोग बदलने की प्रक्रिया नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग पूरा करेगा। विभाग द्वारा भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
गोदामों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक शेड के साथ-साथ पूरी तरह ऑटोमैटिक स्टील साइलो गोदाम तैयार किए जाएंगे। इन गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे ताकि परिसर अपनी बिजली का उत्पादन खुद कर सके।
अनाज की तेज लोडिंग और अनलोडिंग के लिए मंडियों की तर्ज पर कन्वेयर बेल्ट और भारी आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इन आधुनिक साइलो में तापमान और नमी नियंत्रण प्रणाली लगी होगी, जिससे अनाज कीटों और फफूंद से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
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खुले में अनाज सड़ने से मिलेगी मुक्ति
भंडारण क्षमता की कमी के कारण हर साल खरीद एजेंसियों को लाखों गेहूं की बोरियां खुले आसमान के नीचे तिरपाल से ढककर रखनी पड़ती हैं। बेमौसम बारिश और धूप के कारण अनाज की गुणवत्ता तेजी से गिरती है और कई बार गेहूं सड़ जाता है।
यही खराब अनाज राशन डिपो के जरिए आम गरीब उपभोक्ताओं तक पहुंचता है, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। गांवों में स्थानीय स्तर पर साइलो और गोदाम बनने से फसल बर्बादी पर पूर्ण विराम लगेगा और किसानों को सुरक्षित भंडारण मिलेगा। #HaryanaNews #PanchayatLand #GrainStorage #HaryanaAgriculture #HaryanaNewsPost
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई सभी शर्तें, नियम और तकनीकी विवरण हरियाणा राज्य वेयरहाउस निगम के चेयरमैन रामकिशन शर्मा द्वारा भिवानी प्रवास के दौरान दिए गए आधिकारिक बयानों और विभागीय दिशानिर्देशों पर आधारित हैं। इच्छुक ग्राम पंचायतें अपने संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय से नियमों की पुष्टि कर सकती हैं।







