Gurugram Metro Project Delay : गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना पर विभागीय तालमेल की कमी और हाईटेंशन बिजली लाइन के कारण बड़ा ब्रेक लग गया है। जीएमआरएल, एनएचएआई और एचवीपीएन के बीच शिफ्टिंग को लेकर सहमति न बनने से काम अटक गया है। इसके अलावा सेक्टर-10 बिजली घर के स्थानांतरण और जमीन से जुड़े अदालती विवाद ने परियोजना में देरी की आशंका बढ़ा दी है।
gurugram metro route high tension line issue : गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के महत्वाकांक्षी विस्तार प्रोजेक्ट के सामने बुनियादी ढांचे की शिफ्टिंग और कानूनी विवादों ने बड़ी रुकावट खड़ी कर दी है। हीरो होंडा चौक पर हाईटेंशन बिजली लाइन, सेक्टर-10 बिजली घर की शिफ्टिंग और कोर्ट केस के चलते शहर की इस लाइफलाइन का काम तय समय से पिछड़ता दिख रहा है।
परियोजना की रफ्तार रुकने का मुख्य कारण जीएमआरएल, एनएचएआई और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) के बीच आपसी समन्वय की भारी कमी है। पिछले साल 22 दिसंबर को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एनएचएआई द्वारा हाईटेंशन लाइन हटाने पर सहमति बनी थी।
बैठकों के बाद भी अटकी लाइन
बैठक में तय हुआ था कि हीरो होंडा चौक के पास हाईटेंशन लाइन को एनएचएआई हटाएगा और इसका पूरा खर्च जीएमडीए वहन करेगा। इसके बाद जीएमआरएल ने 30 अप्रैल को एनएचएआई को पत्र लिखकर लाइन तत्काल हटाने की औपचारिक मांग रखी।
अधिकारियों के बीच 16 जुलाई को दोबारा बैठक हुई, जिसमें 31 अक्टूबर तक शिफ्टिंग पूरी करने का ठोस आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद धरातल पर काम आगे नहीं बढ़ा और स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
एनएचएआई का इनकार
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने लाइन शिफ्टिंग का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर एनएचएआई को भेजा था। एनएचएआई ने 18 सितंबर को आधिकारिक पत्र भेजकर इस लाइन को शिफ्ट करने का काम करने से साफ मना कर दिया।
एजेंसी के इस फैसले के बाद अब लाइन हटाने की प्रक्रिया नए सिरे से तय होगी, जिससे निर्माण कार्य में महीनों की देरी होना तय है। इस तकनीकी गतिरोध का सीधा असर मेट्रो रूट के पिलर निर्माण और सिविल कार्यों पर पड़ रहा है।
सबस्टेशन और कोर्ट केस की बाधा
हाईटेंशन लाइन के अलावा सेक्टर-10 स्थित हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम का बिजली घर भी मेट्रो ट्रैक के बीच में आ रहा है। इस सबस्टेशन को सेक्टर-37 में नए स्थान पर शिफ्ट किया जाना है, जिसका निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है।
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट पर उमंग भारद्वाज चौक के पास पांच मकानों के अधिग्रहण को लेकर कानूनी पेंच फंसा हुआ है। यह मामला अदालत में विचाराधीन होने से ट्रैक निर्माण के लिए जरूरी जमीन का कब्जा प्रशासन को नहीं मिल पा रहा है।
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409 करोड़ का डिपो धीमा
परियोजना के संचालन को सुचारू बनाने के लिए सेक्टर-33 में 409 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से अत्याधुनिक मेट्रो डिपो का निर्माण प्रस्तावित है। इस डिपो के निर्माण के लिए जीएमआरएल ने करीब पांच महीने पहले ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
टेंडर में पांच बड़ी बुनियादी ढांचा कंपनियों ने अपनी बोलियां जमा की हैं, लेकिन मुख्य ट्रैक का काम रुकने से डिपो निर्माण की गति भी प्रभावित हो रही है। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से शहरवासियों को आधुनिक मेट्रो सेवा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। #GurugramMetro #GMRL #HaryanaNewsPost #GurugramNews #MetroProjectUpdate
डिस्क्लोमर: इस खबर में दी गई जानकारी जीएमआरएल, एनएचएआई, एचवीपीएन और जीएमडीए के बीच हुई बैठकों के आधिकारिक पत्राचार व परियोजना प्रगति रिपोर्ट पर आधारित है।








