Abhedya App Haryana Police: चंडीगढ़: डिजिटल ठगी और धमकी भरे विदेशी कॉल्स के बढ़ते ग्राफ के बीच हरियाणा पुलिस ने एक ऐसा ‘सुरक्षा कवच’ तैयार किया है, जिसने अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित ‘अभेद्य’ (Abhedya) ऐप को लेकर प्रदेश की जनता में भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 6 अप्रैल 2026 तक राज्य भर में 230 जागरूक नागरिक इस ऐप को अपने मोबाइल का हिस्सा बना चुके हैं। हालांकि यह संख्या अभी शुरुआती है, लेकिन इसके सटीक परिणामों ने इसे चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
तकनीक का वह प्रहार, जो धमकी को पहुंचने से पहले ही कर दे ‘डिलीट’ Abhedya App Haryana Police
अक्सर देखा गया है कि साइबर अपराधी और रंगदारी मांगने वाले तत्व +91 के बजाय विदेशी या वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। ‘अभेद्य’ ऐप इसी कमज़ोर नस पर वार करता है। यह महज एक कॉल ब्लॉकर नहीं है, बल्कि एक मुकम्मल नागरिक सुरक्षा प्रणाली है।
कैसे काम करती है यह ढाल?
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) शिवास कबिराज ने इस ऐप की कार्यप्रणाली पर विस्तार से रोशनी डालते हुए बताया कि यह ऐप अज्ञात अंतर्राष्ट्रीय नंबरों और वर्चुअल नंबरों की तुरंत पहचान कर लेता है।
ऑटो-फिल्टरिंग: यदि कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज, या वॉयस नोट आता है, तो ऐप उसे यूजर के पास पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर देता है। Abhedya App Haryana Police
कंटेंट सुरक्षा: सबसे खास बात यह है कि यह संदिग्ध फोटो, वीडियो और चैट को यूजर की स्क्रीन पर आने से पहले ही डिलीट कर देता है, जिससे किसी भी तरह की धमकी या अश्लील सामग्री का मनोवैज्ञानिक दबाव व्यक्ति पर नहीं पड़ता।
अपराधियों को ‘लोकल’ आने पर मजबूर करेगी पुलिस
इस ऐप का सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ यह है कि जब अपराधी अंतर्राष्ट्रीय गेटवे का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, तो उन्हें मजबूरी में स्थानीय (Local) नंबरों का सहारा लेना पड़ेगा। जैसे ही अपराधी भारतीय सिम या नेटवर्क पर आएगा, पुलिस के लिए उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करना और उसे दबोचना बेहद आसान हो जाएगा। Abhedya App Haryana Police
देश के लिए रोल मॉडल बना हरियाणा का यह सिस्टम
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने इस पहल को देश के लिए एक नया मानक बताया है। उन्होंने कहा, “अभेद्य ऐप की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक के जरिए हम अपराध से दो कदम आगे रह सकते हैं। अब देश के कई अन्य राज्य भी हरियाणा के इस मॉडल को अपने यहाँ लागू करने की योजना बना रहे हैं।”
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है, ऐसे में ‘अभेद्य’ जैसे स्वदेशी ऐप सुरक्षा की पहली पंक्ति (First Line of Defense) साबित होंगे।










