Ambala flood news (अंबाला) : पहाड़ों में हुई वर्षा से शुक्रवार को अंबाला की 45 कालोनियां बसी हैं टांगरी के किनारे, तीन नदियां टांगरी, मारकंडा और बेगना उफन गई। टांगरी के तेज बहाव ने किनारे पर बसों 45 कालोनियों में बाढ़ के हालात पैद कर दिए। इस दौरान बच्चे, महिलाएं और पुरुष वहां फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
टांगरी में जहां चालीस हजार क्यूसेक पानी आया। वहीं, मारकंडा नदी में 42 हजार 200 क्यूसेक और वेगना नदी में 25 हजार क्यूसेक पानी का बहाव रहा। दिनभर प्रशासन की सांसें फूली रहीं और अधिकारी दौरा करते रहे।
प्रदेश के परिवहन, ऊर्जा और श्रम मंत्री अनिल विज ने पहले सुबह और फिर शाम को टांगरी नदी व किनारे बसी कालोनियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया जाए और उनके लिए हर तरह की व्यवस्था की जाए। चंदपुरा में कच्चा बांध टूटने के कारण पानी सरसेहड़ी की और आ गया, जिससे गांव की गलियों लोगों ने सड़क पर बनाया आशियाना।
पुल का एक कच्चा हिस्सा भी टांगरी नदी के बहाव में वह गया, जिससे बब्याल से चंदपुरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। करीब 500 मीटर तक पानी का बहाव ही दिखाई दिया, जबकि सड़क के ऊपर से पानी कहता रहा। इंडस्ट्रियल एरिया में कारोबारियों ने पहले ही सुबह के समय सामान ग्राउंड लेवल से उठा लिया था और ऊपरी मंजिल तक पहुंचा दिया देर शाम तक एसडीआरएफ की टीमें बचाव और राहत कार्यों में जुटी रहीं। वर्ष 2023 में भी टांगरी नदी का पानी बाहर आ गया था, उस समय बाजारों में पानी पहुंच गया था।
चंदपुरा की ओर टांगरी का कच्चा बांध टूटा
टांगरी नदी चंदपुरा की ओर से एक कच्चा बांध टूट गया। इस कारण से टांगरी नदी का पानी गांव सरसेहड़ी की ओर मार कर गया। हालांकि, बांध को बनाने की कोशिश की गई लेकिन बहाव काफी तेज था। इस कारण से गांव सरसेहड़ी की गलियों में पानी भर गया।
लोगों ने अपने घरों के आगे रेत के बैग आदि लगाकर बंदोबस्त किया ताकि पानी घर तक न घुसे कुछ घरों में पानी घुसा, जबकि गुरुद्वारा साहिब की ओर जाने वाली गली भी पानी से लबालब भरी रही। दूसरी ओर बधाल से चंदपूरा आने वाले पुल से भी आवाजाही बंद रही। इस पुल के निचले हिस्से से पानी सड़क से ऊपर निकल गया और करीब पांच सौ मीटर तक सड़क ही दिखाई नहीं दी।
चंद्रपुरा की ओर खड़े लोग भी पानी उतरने का इंतजार करते रहे, जबकि ब्याल साइड से लोगों ने बाइक लेकर जाने की कोशिश तो की लेकिन लोगों द्वारा मना करने पर वापस चले गए।
स्कूलों में कर दी गई छुट्टियां
शुक्रवार की सुबह जैसे ही प्रशासन ने अलर्ट घोषित किया तो सूचना शिक्षा विभाग के पास भी पहुंच गई। टांगरी के आसपास के स्कूलों में तुरंत ही अवकाश घोषित कर दिया। स्वजन को मैसेज भेज दिए गए कि वे अपने बच्चों को घर ले जाएं, क्योंकि टांगरी नदी में पानी अधिक आने का अलर्ट घोषित किया है। जो बच्चे स्कूल बस से आते जाते हैं, उनको बस के माध्यम से घरों तक पहुंचाया गया। डीएवी स्कूल रिवरसाइड ने स्कूल के मुख्य द्वार पर करीब डेढ़ फीट ऊंची दीवार बना दी व रेत के बैग भी रख दिए ताकि बरसात का पानी स्कूल में न घुस सके।












