CM Nayab Saini Singapore Visit : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे के तीसरे दिन राज्य के औद्योगिक और शहरी परिदृश्य को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया गया। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने सिंगापुर स्थित विश्व विख्यात शहरी विकास व अवसंरचना संस्थान ‘सुरबाना जुरोंग’ (surbana jurong haryana imt) का विस्तृत दौरा किया। इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य हरियाणा में विकसित की जा रही नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) को आधुनिक, एकीकृत और भविष्योन्मुखी बनाना है।
इस अध्ययन के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग व्यावसायिक इकाइयों को एक ही छत के नीचे संचालित करने की तकनीकों का विश्लेषण किया। उन्होंने वॉटर ट्रीटमेंट से लेकर आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन तक की समस्त बारीकियों को परखा। इस दौरान कार्यस्थल पर कामगारों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री (nayab singh saini investment summit) ने कहा कि राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करके स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
सिंगापुर कंपनियों के साथ राउंड टेबल बैठक
दौरे के तीसरे दिन सिंगापुर बिजनेस फोरम के तहत आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुखों, निवेशकों और सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के पदाधिकारियों से संवाद किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, वेयरहाउसिंग और बुनियादी ढांचे के विकास में बड़े पैमाने पर विदेशी पूंजी आकर्षित करने पर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिंगापुर नवाचार, दक्षता और वैश्विक कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र है, जबकि हरियाणा के पास उद्यम, विनिर्माण और बड़े बाजारों तक मजबूत पहुंच की शक्ति है। इन दोनों का मेल एक मजबूत आर्थिक साझेदारी का निर्माण करेगा। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिया कि राज्य सरकार समयबद्ध मंजूरी, पारदर्शी नीतियां और विश्वसनीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।
टियर-2 शहरों में जीसीसी का विस्तार
हरियाणा सरकार राज्य के औद्योगिक विकास को केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि गुरुग्राम आज देश का प्रमुख कॉर्पोरेट हब है, लेकिन अब पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों को टेक्नोलॉजी-लेड और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन शहरों में कंपनियों को प्रतिस्पर्धी लागत, दक्ष मानव संसाधन और बेहतर जीवन स्तर का सीधा फायदा मिलेगा। हरियाणा की उत्कृष्ट हाईवे कनेक्टिविटी और उत्तर भारत के विशाल टैलेंट पूल के जरिए ये शहर नए औद्योगिक ग्रोथ सेंटर के रूप में उभरेंगे।
सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर पॉलिसी-2026
डिजिटल अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने ‘डेटा सेंटर पॉलिसी-2026’ (haryana data centre policy 2026) तैयार की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एनसीआर के केंद्र में होने के कारण हरियाणा डेटा स्टोरेज, क्लाउड सर्विसेज और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सबसे मुफीद राज्य है। निवेशकों को सस्ती व निर्बाध बिजली, भूमि और नीतिगत समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा।
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इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्योगपतियों को हरियाणा में कंपोनेंट्स निर्माण, सप्लाई चेन और रिसर्च पार्टनरशिप में निवेश करने का सीधा न्योता दिया।
ग्रीन एनर्जी और मजबूत लॉजिस्टिक्स
पर्यावरण संतुलन और सतत विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर की कंपनियां ग्रीन ग्रोथ और सर्कुलर इकोनॉमी में अग्रणी हैं। हरियाणा में रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और वेस्ट मैनेजमेंट में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सिंगापुर की उन्नत तकनीक से प्रदेश में ग्रीन औद्योगिक मॉडल तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और आधुनिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण हरियाणा उत्तर भारत का सबसे विश्वसनीय सप्लाई चेन बेस बन चुका है। उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं के कौशल विकास और इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग पर भी पूरी तत्परता से काम किया जा रहा है। #NayabSinghSaini #HaryanaInvestment #SurbanaJurong #SingaporeVisit #HaryanaNewsPost












