ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

हरियाणा की आंगनबाड़ी वर्करों को तोहफा, अब सीधे बन सकेंगी सुपरवाइजर, जानिए क्या है 10 साल वाला नियम

On: January 17, 2026 12:40 PM
Follow Us:
हरियाणा की आंगनबाड़ी वर्करों को तोहफा, अब सीधे बन सकेंगी सुपरवाइजर, जानिए क्या है 10 साल वाला नियम
Join WhatsApp Group

सीएम नायब सैनी ने घोषणा की है कि 10 साल अनुभवी आंगनबाड़ी वर्कर अब सुपरवाइजर बनेंगी। 50% पद इनके लिए आरक्षित होंगे। साथ ही बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए चूरमा और चने दिए जाएंगे।

चंडीगढ़. हरियाणा की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान एक ऐसा फैसला लिया है जिससे इन कार्यकर्ताओं का भविष्य संवर जाएगा।

बैठक में फैसला लिया गया कि अब लंबा अनुभव रखने वाली मेहनती वर्करों को तरक्की देकर सुपरवाइजर बनाया जाएगा। सरकार के इस कदम को जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

10 साल का अनुभव बनेगा तरक्की की सीढ़ी

बैठक में सीएम नायब सैनी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति नीति में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। नए नियमों के अनुसार जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास 10 साल का सेवा अनुभव है और जो सुपरवाइजर पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करती हैं उन्हें अब प्रमोशन दिया जाएगा।

मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता
मनोहर की दस्तक के पीछे ‘तोशाम कनेक्शन’! श्रुति-किरण के हलके से आई शिकायत ने बढ़ाई संगठन की चिंता

सबसे अहम बात यह है कि अब विभाग में सुपरवाइजर के कुल पदों में से 50 फीसदी पद सीधे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पदोन्नति के जरिए भरे जाएंगे। बाकी बचे 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। इससे पहले कार्यकर्ताओं के पास आगे बढ़ने के अवसर काफी सीमित थे।

थाली में मिलेगा चूरमा और काला चना

सरकार ने केवल कर्मचारियों की सुध नहीं ली है बल्कि नौनिहालों की सेहत पर भी पूरा फोकस किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश से कुपोषण को जड़ से खत्म करना उनकी प्राथमिकता है। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए डाइट चार्ट में बदलाव किया गया है।

अब कुपोषित बच्चों को खाने में उबले हुए काले चने और पौष्टिक चूरमा दिया जाएगा। इसके अलावा मौसमी फल के तौर पर किन्नू देने का भी प्रावधान किया गया है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नूंह जिले में अपनाई गई खास रेसिपी, जिससे वहां कुपोषण कम हुआ है उसे पूरे हरियाणा के आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू किया जाए।

प्ले स्कूल जैसे बनेंगे 2000 केंद्र

सरकारी आंगनबाड़ी केंद्रों की छवि बदलने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। लगभग 81 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि खर्च करके प्रदेश के 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक ‘प्ले वे स्कूलों’ में बदला जा रहा है।

फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट
फरीदाबाद के वाहन चालकों को बड़ी राहत, बल्लभगढ़ में जाम से बचने के लिए हाईवे पर बना नया कट

इसके अलावा बजट घोषणा के अनुरूप 2807 केंद्रों को ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ के रूप में अपग्रेड करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसका मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को भी निजी प्ले स्कूलों जैसी सुविधाएं और माहौल देना है।

हर जिले में बनेगा वर्किंग वुमन हॉस्टल

घर से दूर रहकर नौकरी करने वाली महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने घोषणा की है कि राज्य के हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। फिलहाल पहले चरण में 43 करोड़ रुपये की लागत से 6 नए हॉस्टल बनाने का काम चल रहा है।

ये हॉस्टल गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी और चरखी दादरी जैसे औद्योगिक और प्रमुख शहरों में बनाए जा रहे हैं ताकि महिलाओं को रहने की सुरक्षित जगह मिल सके।

सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 50 फीसदी कोटा देने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे ज्यादा जिम्मेदारी से काम करेंगी। वहीं बच्चों की डाइट में देसी भोजन जैसे चना और चूरमा शामिल करना एक वैज्ञानिक कदम है क्योंकि यह स्थानीय स्वाद और पोषण दोनों के लिए बेहतर है।

पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड
पानीपत में ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, एलिवेटेड हाईवे के नीचे बनेगी नई स्लिप रोड

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment