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हरियाणा में बिजली का झटका लगने की तैयारी, 17 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं दाम

On: जनवरी 14, 2026 12:36 अपराह्न
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हरियाणा में बिजली का झटका लगने की तैयारी, 17 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं दाम
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हरियाणा की बिजली कंपनियों ने 4000 करोड़ के घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरों में 15 से 17 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। अंतिम फैसला 1 अप्रैल से पहले होगा।

चंडीगढ़. हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। महंगाई के इस दौर में अब बिजली का बिल भी आपकी जेब ढीली करने की तैयारी में है। प्रदेश की दोनों प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों ने बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने घाटे की भरपाई के लिए दरों में 15 से 17 प्रतिशत तक की वृद्धि करने की मांग की है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसका सीधा असर वित्तीय वर्ष 2026 और 27 में आने वाले बिजली बिलों पर देखने को मिलेगा।

क्यों बढ़ाए जा रहे हैं दाम

बिजली कंपनियों का तर्क है कि उन्हें परिचालन और बिजली खरीद में लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक कंपनियों ने वर्ष 2026 27 के लिए करीब 51 हजार करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता यानी एआरआर का अनुमान लगाया है।

सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और मौजूदा कमाई को जोड़ने के बाद भी कंपनियों को लगभग 4 हजार करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ रहा है। इस 4000 करोड़ रुपये के गैप को भरने के लिए ही जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी की गई है।

किस पर कितना असर पड़ेगा

प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर समाज के हर वर्ग पर पड़ने वाला है।

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  • घरेलू उपभोक्ता: आम घरों में इस्तेमाल होने वाली बिजली 15 से 17 प्रतिशत तक महंगी हो सकती है। अगर आपका बिल 2000 रुपये आता है तो वह बढ़कर 2300 रुपये से ज्यादा हो सकता है।

  • औद्योगिक इकाइयां: उद्योगों के लिए भी बिजली दरों में इतनी ही बढ़ोतरी प्रस्तावित है जिससे उत्पादन लागत बढ़ सकती है।

  • ट्यूबवेल और इलेक्ट्रिक वाहन: किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग दरों में भी 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।

फैसला कब तक होगा

बिजली कंपनियों ने अपना प्रस्ताव हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग यानी एचईआरसी के पास भेज दिया है। अब आयोग इस प्रस्ताव की बारीकी से जांच करेगा। नियम के अनुसार आयोग जनसुनवाई करेगा और आम लोगों व हितधारकों की राय लेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम फैसला 1 अप्रैल से पहले ले लिया जाएगा और नई दरें नए वित्तीय वर्ष से लागू हो सकती हैं।

विरोध के स्वर हुए तेज

बिजली दरों में बढ़ोतरी की खबर आते ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और उपभोक्ता संगठनों ने इसे जनता के साथ अन्याय बताया है। उनका कहना है कि अप्रैल 2025 में ही दरें बढ़ाई गई थीं और अब दोबारा बोझ डालना गलत है। पूर्व बिजली मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लानी चाहिए और लाइन लॉस कम करना चाहिए न कि जनता पर बोझ डालना चाहिए।

FAQ’s

प्रश्न: हरियाणा में बिजली के दाम कितने बढ़ सकते हैं?

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उत्तर: बिजली वितरण कंपनियों ने घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 15 से 17 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।

प्रश्न: यह बढ़ोतरी कब से लागू हो सकती है?

उत्तर: अगर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) मंजूरी देता है तो नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती हैं।

प्रश्न: किसानों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए क्या प्रस्ताव है?

उत्तर: ट्यूबवेल कनेक्शन और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग दरों में 5 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।

प्रश्न: बिजली कंपनियां दाम क्यों बढ़ा रही हैं?

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उत्तर: कंपनियों का कहना है कि उन्हें करीब 4000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ रहा है जिसकी भरपाई के लिए दाम बढ़ाना जरूरी है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कोयले की बढ़ती कीमतें और इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपडेट करने का खर्च बिजली कंपनियों पर दबाव बना रहा है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि 17 प्रतिशत की एकमुश्त बढ़ोतरी बहुत ज्यादा है। आयोग को बीच का रास्ता निकालना चाहिए ताकि कंपनियों का घाटा भी कम हो और आम आदमी का बजट भी न बिगड़े।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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