चंडीगढ़ प्रशासन ने भीषण ठंड को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां 17 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने 15 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ठंड बढ़ने की संभावना जताई है।
चंडीगढ़. चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में पड़ रही हाड़ कंपाने वाली ठंड को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। गिरते तापमान और घने कोहरे के बीच चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने विंटर वेकेशन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले जो स्कूल 15 जनवरी को खुलने वाले थे, अब उन पर ताला कुछ और दिनों तक लटका रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है कि बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अब 17 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, शहर के सभी सरकारी, गवर्नमेंट एडेड और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल अब 17 जनवरी तक बंद रहेंगे। यह फैसला बच्चों को शीतलहर और सुबह के समय होने वाले घने कोहरे से बचाने के लिए लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि छोटे बच्चों के लिए इतनी ठंड में सुबह स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। अब 17 जनवरी तक स्कूल बंद रहने के बाद, 18 जनवरी को रविवार है। यानी अब छात्रों को सीधे 19 जनवरी को स्कूल जाना होगा।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद फैसला
यह निर्णय ऐसे ही नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे मौसम विभाग (IMD) की गंभीर चेतावनी है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
शहर में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है।
बारिश न होने के कारण सूखी ठंड ज्यादा सता रही है।
दिन और रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी है।
ऐसे में शिक्षा विभाग ने एहतियात बरतते हुए छुट्टियों को आगे बढ़ाना ही उचित समझा।
पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि अभी ठंड का यह दौर खत्म नहीं होने वाला। 15 जनवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने जा रहा है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा।
पहाड़ों पर बर्फबारी: हिमाचल और कश्मीर में भारी बर्फबारी की संभावना है।
मैदानी इलाकों में बारिश: इसका असर चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में भी दिखेगा। 16 जनवरी के बाद यहां आसमान में बादल छाने और बारिश होने के आसार बन रहे हैं।
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
प्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। सुबह के समय विजिबिलिटी इतनी कम होती है कि स्कूल बस या वैन का सफर सुरक्षित नहीं लगता। साथ ही, बच्चों में सर्दी, जुकाम और वायरल फीवर का खतरा भी बना हुआ है। अब छुट्टियां बढ़ने से बच्चे घर पर सुरक्षित रहकर अपनी पढ़ाई कर सकेंगे और ठंड के प्रकोप से बचे रहेंगे।
ऑनलाइन क्लास का विकल्प?
हालांकि प्रशासन ने भौतिक रूप से स्कूल बंद किए हैं, लेकिन कई प्राइवेट स्कूलों ने पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए ऑनलाइन क्लास जारी रखने के संकेत दिए हैं। बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) के छात्रों के लिए विशेष ऑनलाइन सत्र आयोजित किए जा सकते हैं ताकि उनका सिलेबस समय पर पूरा हो सके।












