चंडीगढ़, 19 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने बुजुर्गों के सम्मान में बड़ा फैसला लेते हुए सीनियर सिटीजन हाउसिंग कॉलोनियों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया है। इस बदलाव के बाद अब रिटायरमेंट कॉलोनियों में बिल्डर्स अधिक निर्माण कर सकेंगे, जिससे बुजुर्गों को लिफ्ट, जिम और हेल्थ सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
हरियाणा सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित होने वाली हाउसिंग कॉलोनियों के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने इन खास कॉलोनियों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की सीमा को 2.25 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 3.0 कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर बुजुर्गों के रहन-सहन पर पड़ेगा, क्योंकि अब डेवलपर्स को निर्माण के लिए अधिक जगह (Floor Space) मिलेगी। इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों को एक ऐसा वातावरण देना है जहाँ उन्हें स्वास्थ्य, मनोरंजन और सुरक्षा के लिए भटकना न पड़े।
एक ही छत के नीचे मिलेगा हेल्थ सेंटर और जिम
FAR बढ़ने का सीधा लाभ यह होगा कि अब बिल्डर्स प्रोजेक्ट के भीतर अधिक फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI) का उपयोग कर सकेंगे। इससे रिटायरमेंट कॉलोनियों में बड़ी लिफ्ट, आधुनिक फिजियोथेरेपी सेंटर, सीनियर सिटीजन जिम और चौड़े गलियारों का निर्माण आसान हो जाएगा। बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों की जरूरतें बदल जाती हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब डेवलपर्स को खुली जगह और ग्रीन बेल्ट के साथ-साथ इनडोर एक्टिविटी सेंटर्स विकसित करने में जगह की कमी महसूस नहीं होगी।
रियल एस्टेट को मिलेगी नई गति
बता दें कि ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नई दिल्ली ने लंबे समय से सरकार से इस नीतिगत बदलाव की मांग की थी। इसी को आधार बनाते हुए राज्य सरकार ने हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियम अधिनियम-1975 के तहत लाइसेंस प्राप्त रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से हरियाणा का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर चमक उठेगा। बिल्डर्स अब सीनियर सिटीजन प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे प्रदेश में आधुनिक और सुरक्षित ‘रिटायरमेंट होम’ का नया दौर शुरू होगा।
बुजुर्गों के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर
सरकार का यह कदम केवल निर्माण क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हरियाणा को ‘वृद्धजन-अनुकूल’ (Elderly-friendly) राज्य बनाने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति है। 3.0 FAR मिलने से प्रोजेक्ट्स की लागत में कमी आएगी और कम जगह में अधिक सुविधाएं दी जा सकेंगी। इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि समाज के सबसे अनुभवी वर्ग को उनके अंतिम पड़ाव में एक सम्मानजनक और आरामदायक जीवन शैली भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
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