Haryana News: हरियाणा सरकार अब ड्रोन सर्वे और प्रोपर्टी कार्ड के आधार पर ग्रामीणों को आबादी देह क्षेत्रों में जमीन का मालिकाना हक देगी. यह नया व्यवस्था स्वामित्व प्रक्रिया को आसान बनाकर ग्रामीणों को बड़ा आर्थिक लाभ देगी.
ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत Haryana News
चंडीगढ़ से हरियाणा की ग्रामीण आबादी के लिए खुशखबरी आई है. अब गांवों के आबादी देह क्षेत्रों में रहने वाले लोग ड्रोन सर्वे और प्रोपर्टी कार्ड के आधार पर अपनी जमीन का मालिकाना हक हासिल कर सकेंगे. इससे स्वामित्व, लीज, बंधक और संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान होगी. ग्रामीणों को बैंक लोन और अन्य वित्तीय सहायता भी बिना परेशानी मिलेगी. स्वामित्व मिलने से संपत्ति की कीमत भी बढ़ेगी.
अध्यादेश को मिली मंजूरी
विधि और विधायी विभाग ने हरियाणा आबादी देह स्वामित्व अधिकार अध्यादेश की अधिसूचना जारी कर दी है. यह अध्यादेश राजस्व संपदा क्षेत्र में स्वामित्व अधिकारों के निहितिकरण, अभिलेखन और समाधान की प्रक्रिया को कानूनी मान्यता देता है.
हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद राज्यपाल ने भी इसे हरी झंडी दे दी. अध्यादेश का मुख्य लक्ष्य यह है कि आबादी देह क्षेत्रों के कब्जाधारकों के स्वामित्व अधिकार की पहचान हो, उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाए और विवादों का समाधान हो. जिन लोगों का स्वामित्व सबसे मजबूत आधार पर सिद्ध होगा, उन्हें मालिकाना हक प्रदान किया जाएगा.
इसके अलावा सर्वे इकाई की सीमाओं और क्षेत्रों को चिन्हित कर सरकारी अभिलेखों में दर्ज जानकारी को प्रमाणिक रूप से स्वीकार किया जाएगा. इससे वर्षों पुराने सीमा और स्वामित्व विवाद खत्म होने की राह खुलेगी.
सरकारी कागजात बनवाना होगा आसान
आबादी देह की जमीन अक्सर किसी के नाम दर्ज नहीं होती, जिस कारण लोगों को सरकारी दस्तावेज बनवाने में बड़ी दिक्कतें आती हैं. इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की शुरुआत की.
इस योजना के तहत ड्रोन सर्वे के माध्यम से गांवों की मैपिंग की जाएगी. जब ड्रोन सर्वे और मैपिंग का डेटा तैयार होकर राजस्व विभाग की ग्राउंड प्रक्रियाएं पूरी होंगी, तब आबादी देह के वास्तविक मालिकों को उनका अधिकारिक हक मिल सकेगा.













