चंडीगढ़, Haryana Roadways: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक और आम जनता के अनुकूल बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी गांवों और शहरों को सरकारी बस सेवा नेटवर्क से पूरी तरह जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों पर जनता की निर्भरता और ईंधन की खपत को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
यह निर्देश मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में ‘हरियाणा विजन-2047’ के तहत परिवहन विभाग के अगले 5 वर्षों के रोडमैप की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उचित प्रबंधन के जरिए बसों की कमी को दूर किया जाए ताकि महिलाओं, छात्रों और कामकाजी लोगों को सुगम यातायात मिल सके।
पेट्रोल पंपों पर स्कैन होगी नंबर प्लेट
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती बरतते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहन के आते ही उसका पॉल्यूशन स्टेटस स्कैन कर लेंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस तकनीकी व्यवस्था पर काम चल रहा है। पहले चरण में एनसीआर (NCR) के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के सभी जिलों में आगामी 30 सितंबर तक यह कैमरा सिस्टम पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा।
रेलवे की तर्ज पर लाइव ट्रैकिंग और 10 इलेक्ट्रिक बस स्टैंड
यात्रियों की सुविधा के लिए हरियाणा रोडवेज की सभी बसों को रेलवे जैसे ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यात्री एक मोबाइल ऐप के जरिए यह देख सकेंगे कि उनकी बस इस समय कहां है और स्टॉप पर कितने बजे पहुंचेगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इन बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जो सीधे एक राज्य स्तरीय यूनिफ Unified कमांड कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभाग अब मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक बसों की ही खरीद करेगा। मुख्यमंत्री ने अगले एक साल के भीतर राज्य में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाने के निर्देश दिए हैं, जहां यात्रियों के चढ़ने और टिकट कटने के दौरान ही बसों को चार्ज करने के लिए आधुनिक चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे।
20 लाख नए हैप्पी कार्ड और ऑटोमैटिक गाड़ी पासिंग
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी हैप्पी कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य के पात्र लोगों को 20 लाख कार्ड दिए जा चुके हैं। जल्द ही 20 लाख नए कार्ड वितरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार और लेती-देती पर लगाम लगाने के लिए वाहनों को पास करने की मैनुअल प्रक्रिया को पूरी तरह बंद किया जाएगा। अब भारत सरकार के नए नियमों के अनुसार आईटी-बेस्ड स्मार्ट ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से वाहनों की पासिंग को पूरी तरह ऑटोमैटिक बनाया जाएगा, जिससे लोगों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
व्हीकल स्क्रैपिंग में देश में अव्वल है हरियाणा
समीक्षा बैठक में सामने आया कि अनुपयोगी और पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के मामले में हरियाणा देश में सबसे आगे है। इस समय राज्य में 26 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की नीति के तहत यहां वाहन स्क्रैप कराने पर प्रति वाहन 15,000 रुपये का इंसेंटिव मिल रहा है। इस परफॉर्मेंस के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हरियाणा को देश में सबसे ज्यादा 160 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन कोष दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों के चालकों को आकर्षित करने के लिए सीमावर्ती जिलों में नए स्क्रैपिंग सेंटर खोलने का सुझाव दिया है।
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