हिसार शहर के हृदय स्थल रेड और ग्रीन स्क्वायर मार्केट स्थित 51 साल पुराने ओवरब्रिज का अब कायाकल्प होने जा रहा है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सरकार ने इस पुल को आधुनिक और ऊंचा बनाने की विस्तृत योजना तैयार की है, जिससे शहरवासियों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
51 साल पुरानी यह संरचना वर्तमान के भारी ट्रैफिक दबाव को झेलने में असमर्थ साबित हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (B&R) और रेलवे ने मिलकर इसे आधुनिक लुक देने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल लक्ष्मीबाई चौक बल्कि डाकघर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी सुचारू रास्ता मिलेगा।
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए बढ़ाई जाएगी ऊंचाई
इस पुनर्विकास योजना का सबसे अहम हिस्सा पुल की ऊंचाई बढ़ाना है। प्रस्तावित नक्शे के अनुसार, पुल की मौजूदा ऊंचाई को 1.5 मीटर तक बढ़ाया जाएगा ताकि भविष्य में चलने वाली हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेनों को नीचे से गुजरने में कोई दिक्कत न आए। रेलवे ने अपने हिस्से के डिजाइन को लगभग फाइनल कर दिया है। PWD विभाग द्वारा उठाई गई कुछ तकनीकी आपत्तियों पर फिलहाल मंथन चल रहा है, जिन्हें दूर करते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अंडरपास और कनेक्टिविटी का नया मास्टरप्लान
पुल के विस्तार के साथ-साथ शहर की आंतरिक कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। B&R विभाग ने सुझाव दिया है कि अग्रसेन भवन और रामपुरा मोहल्ले की ओर जाने वाले रास्ते को सुगम बनाया जाए। इसके समाधान के लिए रेलवे ने अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव रखा है। इस कदम से स्थानीय निवासियों को लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे बिना ट्रैफिक में फंसे सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
कैमरी रोड पुल की तर्ज पर होगा विकास
वर्तमान में इस पुल की लंबाई 455.6 मीटर है, जिसे बढ़ाकर अब कैमरी रोड ओवरब्रिज की तरह लगभग 640 मीटर करने की योजना है। इसमें डाकघर की ओर का हिस्सा और लक्ष्मीबाई चौक की ओर का ढलान काफी व्यवस्थित बनाया जाएगा। हिसार की खूबसूरती में चार-चांद लगाने वाला यह प्रोजेक्ट शहर के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती देगा। जैसे ही रेलवे और PWD के बीच तालमेल अंतिम दौर में पहुंचेगा, निर्माण की समय सीमा भी साझा कर दी जाएगी।
हिसार बनेगा हरियाणा का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
हरियाणा के हिसार जिले में स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विजन के तहत इस प्रोजेक्ट को हरियाणा की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ माना जा रहा है। दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के विकल्प के तौर पर विकसित हो रहे इस हवाई अड्डे से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पूरे पश्चिमी हरियाणा में उद्योगों का जाल बिछेगा।
तकनीकी विकास और आधुनिक सुविधाएं
एयरपोर्ट के रनवे का काम पूरा हो चुका है और अब यहाँ कैट-II (CAT-II) लाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है, जिससे घने कोहरे में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी। इसके साथ ही, एयरपोर्ट पर एक भव्य टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है, जो स्थानीय वास्तुकला और आधुनिकता का बेजोड़ संगम होगी। सौर ऊर्जा के उपयोग और जल संचयन के साथ इसे एक ‘ग्रीन एयरपोर्ट’ के रूप में स्थापित करने की योजना है।
कनेक्टिविटी और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
हिसार एयरपोर्ट के चालू होने से सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी जैसे पड़ोसी जिलों के लोगों को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, यहाँ बनने वाला कार्गो टर्मिनल कृषि उत्पादों और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के निर्यात में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। हिसार के कपड़ा उद्योग और स्टील सिटी के व्यापार को भी इससे नई ऊंचाइयां मिलेंगी। प्रशासन अब एयरपोर्ट को नेशनल हाईवे और रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए विशेष कॉरिडोर पर काम कर रहा है।
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