ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Karwa Chauth 2025: रोहतक जिले में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखाई देगा? जानें पूजा का समय

On: October 7, 2025 4:29 PM
Follow Us:
Karwa Chauth 2025: रोहतक जिले में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखाई देगा? जानें पूजा का समय
Join WhatsApp Group

Karwa Chauth 2025 Rohtak jile mein chand kab nikalega: करवा चौथ का पर्व हर साल महिलाओं के लिए खास होता है, और इस बार 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को यह त्योहार और भी खास होने वाला है। इस दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो इस व्रत को और भी महत्वपूर्ण बना रहे हैं। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। इस बार कृतिका नक्षत्र और सिद्धि योग के साथ-साथ गुरु मिथुन राशि में रहेंगे, जिससे इस दिन की शुभता और बढ़ जाएगी। आइए जानते हैं करवा चौथ के चांद निकलने का समय और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में।

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर 2025 को रात 10:54 बजे शुरू होगी और 10 अक्टूबर को शाम 7:38 बजे खत्म होगी। इस दिन करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:05 बजे से 8:55 बजे तक रहेगा। इस समय में महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और भगवान गणेश की पूजा करेंगी। शुक्रवार होने के कारण इस दिन भगवान गणेश की विशेष कृपा रहेगी।

HSSC ग्रुप सी वेटिंग लिस्ट विवाद: हाईकोर्ट का मुख्य सचिव को अल्टीमेटम, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई
HSSC ग्रुप सी वेटिंग लिस्ट विवाद: हाईकोर्ट का मुख्य सचिव को अल्टीमेटम, जवाब न देने पर होगी कार्रवाई

Rohtak jile mein chand kab nikalega: चांद निकलने का समय

इस बार करवा चौथ का चांद कृतिका नक्षत्र में निकलेगा, जो इसे और भी खास बनाता है। 10 अक्टूबर को चांद रात 8:13 बजे दिखाई देगा। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चांद दिखने का समय थोड़ा भिन्न हो सकता है। चंद्र दर्शन के बाद महिलाएं अर्घ्य देकर अपना निर्जला व्रत खोलेंगी।

करवा चौथ में किसकी पूजा होती है?

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। यह व्रत सूर्योदय से शुरू होता है और रात में चांद के दर्शन तक चलता है। इस दौरान न तो पानी पीया जाता है और न ही अन्न ग्रहण किया जाता है। चांद को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। यह व्रत कठिन होने के साथ-साथ पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत करने वाला माना जाता है।

जलभराव की समस्या खत्म! सोनीपत के सुभाष स्टेडियम में 8 फीट भरी जाएगी मिट्टी, बनेगा सिंथेटिक ट्रैक
जलभराव की समस्या खत्म! सोनीपत के सुभाष स्टेडियम में 8 फीट भरी जाएगी मिट्टी, बनेगा सिंथेटिक ट्रैक

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment