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Karwa Chauth 2025 पर Rewari में इस वक्त दिखेगा चांद, पूजा का शुभ मुहूर्त जानें

On: अक्टूबर 6, 2025 8:31 अपराह्न
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Karwa Chauth 2025 पर Rewari में इस वक्त दिखेगा चांद, पूजा का शुभ मुहूर्त जानें
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Karwa Chauth 2025 Rewari jile mein chand kab nikalega: करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास है। यह पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली का प्रतीक है। इस साल करवा चौथ 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। आइए जानते हैं चंद्रोदय का समय, पूजा का मुहूर्त, सरगी और व्रत का महत्व।

Rewari jile mein chand kab nikalega

पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर 2025 को रात 10:54 बजे शुरू होगी और 10 अक्टूबर को शाम 7:38 बजे खत्म होगी। करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। चंद्रमा रात 8:13 बजे उदय होगा, और यही व्रत खोलने का समय होगा। व्रत सुबह 6:19 बजे से शुरू होगा और रात 8:13 बजे तक चलेगा।

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सरगी और व्रत की परंपरा

करवा चौथ में सरगी का खास महत्व है। सुबह 6:19 बजे से सरगी खाने का समय शुरू होगा। सरगी वह भोजन है, जो सास अपनी बहू के लिए तैयार करती है। इसमें फल, मिठाइयां, नमकीन और मेवे शामिल होते हैं। यह भोजन पूरे दिन के निर्जला व्रत के लिए ताकत देता है। सरगी सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि सास का आशीर्वाद और परिवार के प्यार का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं बिना अन्न और जल के सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं।

व्रत और पूजा की विधि

करवा चौथ का व्रत कठोर होता है, जिसमें दिनभर कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता। सुबह सरगी खाने के बाद महिलाएं पूजा की तैयारी करती हैं। पूजा में मिट्टी का करवा, गंगाजल, दीपक, रोली, चावल, फूल, दूध, मिठाई और श्रृंगार की वस्तुएं रखी जाती हैं। शुभ मुहूर्त में शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा की जाती है। कथा सुनने के बाद चंद्रमा को छलनी से देखकर अर्घ्य दिया जाता है। फिर पति का चेहरा देखकर उनके हाथों से पानी और मिठाई लेकर व्रत खोला जाता है।

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Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का उत्सव है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में महिलाएं अपने पतियों की युद्ध से सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करती थीं। रानी वीरवती की कथा इस दिन की सबसे लोकप्रिय कहानी है। यह व्रत रिश्तों को मजबूत करता है और परिवार में सौहार्द बढ़ाता है। महिलाएं चंद्रमा, शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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