Dr Archana Gupta Haryana BJP New President : चंडीगढ़ और दिल्ली के सियासी गलियारों में काफी दिनों से सुगबुगाहट चल रही थी, लेकिन भाजपा हाईकमान ने अचानक यह फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दस्तखत से जारी चिट्ठी ने साफ कर दिया कि मोहन लाल बडौली की संगठन से विदाई हो चुकी है। उनकी जगह अब पानीपत की कद्दावर नेता और तेजतर्रार प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता सूबे में भाजपा की नई कैप्टन होंगी। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सीधे तौर पर आधी आबादी यानी महिला वोट बैंक को अपने पाले में करने की एक बड़ी सोशल इंजीनियरिंग के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही यह खबर आई, चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक पार्टी दफ्तरों में हलचल तेज हो गई और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटनी शुरू कर दीं।
पीजीआई रोहतक की छात्रा से लेकर सूबे की कमान तक का सफर
बात अगर डॉ. अर्चना गुप्ता के सियासी सफर की करें, तो वह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। चिकित्सा क्षेत्र से निकलकर राजनीति के शीर्ष तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं था। उन्होंने पीजीआई रोहतक से अपनी एमडी (MD) की पढ़ाई पूरी की और पेशे से एक बेहद सफल रेडियोलॉजिस्ट हैं। मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने लंबे समय तक जमीन पर रहकर सामाजिक कार्यों की कमान संभाली। साल 2010 से लेकर 2016 के बीच वह विश्व हिंदू परिषद (VHP) की जिला सह-संयोजिका, संयोजिका और फिर हरियाणा की उपाध्यक्ष जैसी भारी-भरकम जिम्मेदारियों पर रहीं। इसके बाद जब उन्होंने बीजेपी का दामन थामा, तो महिला मोर्चा के जरिए पार्टी के आधार को मजबूत करने में जुट गईं।
अपनों की नाराजगी और महिला जिलाध्यक्ष का सफर
साल 2019 का चुनाव भाजपा के लिए कई मायनों में अहम था और उस दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता ने महिला वोटर्स के बीच एक साइलेंट वेव तैयार करने का काम किया था। इसी जमीनी परफॉर्मेंस को देखते हुए आलाकमान ने अगस्त 2020 में उन्हें पानीपत का जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। यह पहली बार था जब पानीपत के इतिहास में किसी महिला को पार्टी की कमान मिली थी। हालांकि, यह सफर इतना आसान भी नहीं था क्योंकि तब जिले के ही कई पुराने और सीनियर दिग्गज नेता इस फैसले से भड़क गए थे। अंदरूनी खींचतान और नाराजगी के बावजूद डॉ. अर्चना ने अपना पूरा फोकस संगठन के काम पर रखा, जिसका इनाम उन्हें जनवरी 2024 में प्रदेश महामंत्री बनाकर दिया गया।
आज भी खुद मरीजों की जांच करती हैं
डॉ. अर्चना गुप्ता का पारिवारिक इतिहास भी देश की मिट्टी और समाज सेवा से गहरा नाता रखता है। पानीपत के आट्टा गांव में जन्मी अर्चना गुप्ता के दादा सूरजभान अपने दौर के जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उनकी शादी जींद के रहने वाले डॉक्टर अनिल से हुई और यह दंपत्ति लंबे समय से पानीपत में ही चिकित्सा सेवाएं दे रहा है। पानीपत के सेक्टर 11 में स्थित अपने डायग्नोस्टिक सेंटर पर डॉ. अर्चना आज भी नियमित रूप से बैठती हैं और मरीजों का चेकअप करती हैं। अब जब सिर पर नई और बड़ी जिम्मेदारी आ चुकी है, तो उनके सामने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने और विपक्ष के तीखे हमलों का जवाब देने की सबसे कठिन परीक्षा होगी।
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