डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़: सोनीपत के मोहित मलिक ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ फतह की। एसबीआई में कार्यरत मोहित ने वहां तिरंगा फहराकर फिट इंडिया का संदेश दिया।
हरियाणा के युवाओं ने खेलों और साहस के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। इसी कड़ी में अब जिला सोनीपत के गांव पीपली खेड़ा के रहने वाले मोहित मलिक ने एक और नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में कार्यरत मोहित ने दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ को फतह कर लिया है। उन्होंने वहां तिरंगा फहराकर न केवल देश का बल्कि अपने संस्थान का नाम भी रोशन किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि मोहित एक बैंकर हैं और अपनी व्यस्त नौकरी के बावजूद वह फिटनेस के प्रति इतना समर्पित हैं।
22840 फीट की ऊंचाई और कड़ा संघर्ष
मोहित मलिक ने जिस माउंट अकोंकागुआ पर चढ़ाई की है वह कोई साधारण पहाड़ नहीं है।
ऊंचाई: यह चोटी 22840 फीट ऊंची है।
स्थान: यह अर्जेंटीना में स्थित है और एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है।
पर्वतारोहण के जानकारों का कहना है कि इस चोटी पर ऑक्सीजन की कमी और तेज हवाएं सबसे बड़ी चुनौती होती हैं। मोहित ने इन मुश्किल हालातों का सामना करते हुए चोटी पर एसबीआई का झंडा फहराया। वहां से उन्होंने बैंक के सभी कर्मचारियों को ‘फिट इंडिया फिट एसबीआई’ का संदेश दिया ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक हो सकें।
सात महाद्वीपों को फतह करने का सपना
मोहित का लक्ष्य केवल एक चोटी तक सीमित नहीं है। उन्होंने दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों (सेवन समिट्स) को फतह करने का संकल्प लिया है।
अफ्रीका: वह पहले ही अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई कर चुके हैं।
यूरोप: उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस को भी फतह किया है।
दक्षिण अमेरिका: अब माउंट अकोंकागुआ उनकी तीसरी सफल समिट बन गई है।
इससे पहले उन्होंने लेह में माउंट कांग्यात्से 2 और हिमाचल प्रदेश में माउंट युनम जैसी कठिन चढ़ाइयों को भी पूरा किया है। नेपाल के माउंट लोबुचे ईस्ट पर भी वह तिरंगा फहरा चुके हैं।
बैंकिंग और माउंटेनियरिंग का तालमेल
अक्सर देखा जाता है कि कॉरपोरेट जगत में काम करने वाले लोग अपनी फिटनेस को समय नहीं दे पाते। मोहित वर्तमान में पंचकूला के सेक्टर 14 स्थित स्टेट बैंक लर्निंग एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट में काम करते हैं।
प्रशिक्षण: उन्होंने उत्तरकाशी के एनआईएम से बेसिक और दार्जिलिंग के एचएमआई से अपना एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया है।
टीम को प्रेरणा: मोहित ने बताया कि वह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अपने साथी कर्मचारियों को ट्रेकिंग और फिटनेस के टिप्स देते रहते हैं।
मोहित का कहना है कि एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया है और उन्हें हर कदम पर सपोर्ट किया है। उनकी यह सफलता साबित करती है कि अगर जज्बा हो तो नौकरी के साथ साथ बड़े सपनों को भी पूरा किया जा सकता है।












