New rule for UG students in Haryana, Now 1 year internship is mandatory, will get stipend:
हरियाणा सरकार ने छात्रों के भविष्य को और उज्ज्वल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अब प्रदेश के सभी अंडरग्रेजुएट (यूजी) छात्रों के लिए एक साल की इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है। इस दौरान छात्रों को स्टाइपेंड भी मिलेगा,
जिससे न केवल उनकी पढ़ाई को बल मिलेगा, बल्कि वे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार भी तैयार होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के दौरान इस योजना की घोषणा की थी, और अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने के लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। आइए, इस पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं।
एनईपी के तहत नया नियम UG students in Haryana
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा को और अधिक रोजगारोन्मुख बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार ने यूजी कोर्सेज में एक साल की इंटर्नशिप को अनिवार्य कर दिया है। इस नियम के तहत तीन साल के स्नातक कोर्स के दौरान छात्रों को उद्योगों में प्रशिक्षण लेना होगा।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा। इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड छात्रों के लिए आर्थिक सहायता का काम करेगा, जिससे वे बिना किसी वित्तीय बोझ के अपनी स्किल्स को निखार सकेंगे।
पहले चरण में 7 लाख छात्रों को लाभ
इस योजना का पहला चरण प्रदेश की 10 सरकारी यूनिवर्सिटियों और 185 राजकीय कॉलेजों में लागू होगा। इन संस्थानों में पढ़ रहे करीब 7 लाख छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, ताकि योजना को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. राजेश कुमार बांसल ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। इंटर्नशिप सेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है, और स्थानीय उद्योगों के साथ एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
दूसरे चरण में निजी संस्थानों को शामिल करने की योजना
योजना का दूसरा चरण और भी व्यापक होगा। इसमें निजी कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों को शामिल किया जाएगा, जिससे करीब 20 लाख छात्रों तक इसका लाभ पहुंचेगा।
इस तरह, हरियाणा के सभी यूजी छात्रों को उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम न केवल छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करेगा, बल्कि उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा।
इंडस्ट्री-एकेडेमिया पार्टनरशिप का महत्व
हरियाणा सरकार की इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इंडस्ट्री-एकेडेमिया पार्टनरशिप। इसके तहत यूनिवर्सिटियां और कॉलेज स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर काम करेंगे।
इससे छात्रों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों को समझने और उनके अनुसार स्किल्स विकसित करने का मौका मिलेगा। साथ ही, उद्योगों को भी अपनी जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षित युवा मिलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री युवा कौशल सम्मान योजना
इस योजना के साथ-साथ सरकार ने मुख्यमंत्री युवा कौशल सम्मान योजना भी शुरू की है। इसका मकसद युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है।
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे प्रोफेशनल वातावरण में काम करने का अनुभव भी हासिल करेंगे। यह योजना हरियाणा के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।
छात्रों और उद्योगों के लिए वरदान
यह योजना छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है। इंटर्नशिप के जरिए वे पढ़ाई के दौरान ही प्रोफेशनल स्किल्स सीख सकेंगे, जो उन्हें जॉब मार्केट में एक मजबूत स्थिति प्रदान करेगा। वहीं, उद्योगों को भी प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारी मिलेंगे, जिससे उत्पादकता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित होगा।
भविष्य की राह
हरियाणा सरकार का यह कदम शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो यह न केवल छात्रों के करियर को नई दिशा देगा, बल्कि हरियाणा को स्किल्ड वर्कफोर्स का हब भी बनाएगा। हालांकि, इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उद्योग और शिक्षण संस्थान कितनी गंभीरता से इस पर अमल करते हैं।












