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Hathini Kund Barrage पर गहराया जल संकट, बिजली उत्पादन पर भारी असर

On: November 17, 2025 8:29 PM
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Hathini Kund Barrage पर गहराया जल संकट, बिजली उत्पादन पर भारी असर
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यमुनानगर (Hathini Kund Barrage): पानी का स्तर कम होने से पनबिजली परियोजनाएं और मैदानी इलाकों की जल सप्लाई प्रभावितनवाब खान, प्रतापनगर। उत्तर भारत की जल जीवन रेखा माने जाने वाले हथिनी कुंड बैराज पर जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है।

सोमवार शाम 5 बजे बैराज पर मात्र 3427 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, जो सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम है। इस स्थिति ने न केवल दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की जल सप्लाई पर दबाव बढ़ा दिया है, बल्कि पनबिजली परियोजनाओं के संचालन पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

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हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के अनुसार, रोजाना पानी में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, लेकिन गिरावट का यह क्रम चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। अभी बारिश का कोई मौसम नहीं है और केवल पहाड़ों की बर्फ के पिघलने से आने वाले सीमित पानी के भरोसे ही यमुना नदी और नहरों की सप्लाई चल रही है।

बिजली उत्पादन पर भारी असर

हथिनी कुंड बैराज पर वर्ष भर पानी का प्रवाह सीधे-सीधे पनबिजली उत्पादन को प्रभावित करता है। सामान्य स्थिति में यहां से बहकर नीचे जाने वाला पानी कई जलविद्युत परियोजनाओं के लिए जीवनरेखा होता है। परंतु मौजूदा स्थिति में जब पानी की उपलब्धता 4000-5000 क्यूसेक से भी कम रह गई है, बिजली उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

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वहीं, हथिनी बैराज अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बारिश का मौसम न होने के कारण पूरा तंत्र केवल हिमालयी इलाकों में बर्फ के पिघलने पर निर्भर है। लेकिन सर्दियों में तापमान गिरने के कारण बर्फ का पिघलना सामान्य से कम होता है, यही वजह है कि पानी सीमित मात्रा में यमुना तक पहुंच पाता है।

पानी का हर घंटे बदला स्तर

गेज रीडर मनीष कुमार ने बताया कि दिनभर बैराज पर पानी का स्तर लगातार कम-ज्यादा होता रहा। सुबह और रात के समय पहाड़ी इलाकों से बर्फ पिघलने के कारण थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है, लेकिन दोपहर बाद फिर गिरावट शुरू हो जाती है।

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विभाग के अनुसार सुबह 6 बजे 5056 क्यूसेक,7 बजे 4833 क्यूसेक, 8 बजे 5286 क्यूसेक, 9 बजे 3826 क्यूसेक, 10 बजे 3772 क्यूसेक, 11 बजे 3754 क्यूसेक, 12 बजे 3806 क्यूसेक, 1 बजे 3485 क्यूसेक, 2 बजे 2996 क्यूसेक, 3 बजे 3177 क्यूसेक, 4 बजे 2784 क्यूसेक, 5 बजे 3427 क्यूसेक, यमुना नदी में 352 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर (हरियाणा) में 2565 क्यूसेक, उत्तर प्रदेश को 510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उपलब्ध पानी की कुल मात्रा बेहद कम है, और उसमें से भी विभिन्न राज्यों व नहरों में आवश्यकतानुसार पानी बांटना एक चुनौती बन चुका है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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