यमुनानगर (Yamuna Nagar News)। स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् की ओर से पीएम श्री स्कूलों में ई-पुस्तकालय शुरू किया जाएगा। जिले के विद्यार्थियों, अध्यापकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ये महत्वपूर्ण पहल है। सरकारी स्कूलों में पहले से स्थापित भाषा प्रयोगशालाओं का ई-पुस्तकालय डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में उपयोग किया जाएगा।
सहायक परियोजना अधिकारी डॉ. धर्मवीर का कहना है कि इस पहल से विद्यार्थियों के साथ अन्य लोग भी लाभांवित होंगे। वे लोग भी अपनी रुचि अनुसार पुस्तकें पढ़ सकेंगे। नई व्यवस्था में कंप्यूटर, हेडफोन और इंटरनेट से राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय से जुड़ सकेगा। इस योजना का सीधा लाभ यमुनानगर के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को मिलेगा।
इन प्रयोगशालाओं में पहले से उपलब्ध कंप्यूटर, हेडफोन और इंटरनेट का उपयोग विद्यार्थियों को राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय (एनडीएल) पोर्टल से जोड़ने में किया जाएगा। इस तकनीक के माध्यम से लाखों ई-पुस्तकें, शोध-पत्र, पत्रिकाएं और अध्ययन सामग्री बिना किसी शुल्क के उपलब्ध होगी।
सुरक्षा और सहयोग की व्यवस्था
स्कूलों को यह भी हिदायत दी है किपुस्तकालय खोलने के समय सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए जाएं। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, अभिभावकों और ग्राम पंचायतों से सहयोग लेने पर जोर दिया गया है। पूरी योजना पर निगरानी रखने के लिए जिला स्तर पर जिला परियोजना समन्वयक, सहायक परियोजना समन्वयक, एक एबीआरसी को समिति में शामिल किया है। ये समिति हर माह रिपोर्ट तैयार करेगी कि ई – पुस्तकालयों का किस हद तक उपयोग हो रहा है।
योजना के तहत इन स्कूलों को मिलेगा लाभ
योजना में चुनिंदा विद्यालय शामिल हैं, जिनमें सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भेड़थल, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रताप नगर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खदरी, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बूड़िया, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैंप जगाधरी, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सब्जी मंडी यमुनानगर, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रादौर, पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरावां, पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलेहपुर आदि प्रमुख स्कूल शामिल हैं।
स्कूल के बाद भी खुला रहेगा ई-पुस्तकालय
नए आदेशों के मुताबिक ये सुविधा केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यालय समय के बाद भी ई-पुस्तकालय स्थानीय नागरिकों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए खोला जाएगा। प्रधानाचार्यों को ये जिम्मेदारी दी गई है। कि वे पुस्तकालय का संचालन समय तय करें। आवश्यकता पड़ने पर सहायक स्टाफ की नियुक्ति भी करें।













