Karnal News: पूर्व सीएम मनोहर लाल के प्रत्याशी बनने से करनाल सीट पर रहेंगी अब सबकी नजरें, पूर्व सीएम भजन लाल भी रह चुके हैं करनाल से सांसद

चंडीगढ़। भाजपा द्वारा हरियाणा में छह सीटों पर प्रत्याशी घाेषित करने के बाद अब इन सीटों से कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची पर लोगों की नजरें टिक गई हैं। माना जा रहा है कि इस बार भाजपा प्रत्याशियों के लिए राह इतनी आसान नहीं रहने वाली है। सबसे अधिक नजरें अब करनाल लोकसभा सीट पर लग गई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मैदान में आने से यह सीट अब वीआईपी बन गई है। इससे पहले इसी सीट पर पूर्व सीएम भजन लाल भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। इसके अलावा सिरसा, भिवानी महेंद्रगढ़, अंबाला, गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में भी मुकाबला रोचक होने के आसार हैं।
पूर्व सीएम मनोहर लाल को भाजपा ने करनाल सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाकर सभी को चौका दिया। भाजपा ने यहां से सीटिंग सांसद संजय भाटिया का टिकट काटकर मनोहर लाल को मैदान में उतार है। करनाल सीट पंजाबी बाहुल्य सीट है। कांग्रेस की ओर से इस सीट पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के बेटे चाणक्य के आने की संभावना है।
ब्राह्मण बाहुल्य सीट पर कुलदीप शर्मा के पिता स्वर्गीय पंडित चिरंजीलाल का अपना प्रभाव रहा है ऐसे में माना जा रहा है कि मनोहरलाल के लिए राह इतनी आसान नहीं रहने वाली है। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि अगर रोहतक से मौजूदा सांसद अरविंद शर्मा की टिकट कटी तो वे भी करनाल से कांग्रेस की टिकट का प्रयास कर सकते हैं।
भिवानी महेंद्रगढ़ सीट से भाजपा ने लगातार तीसरी बार धर्मबीर सिंह पर दाव खेला है। बंसीलाल परिवार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़कर इस मुकाम पर पहुंचने वाले धर्मबीर सिंह की दक्षिण हरियाणा में अपनी एक अलग पहचान है। 2014 व 2019 के चुनावों में पूर्व सीएम बंसीलाल के पौत्री श्रुति चौधरी को हराकर वे अपनी लोकप्रियता साबित कर चुके हैं।
इस बार फिर से अनुमान लगाया जा रहा है कि श्रुति को ही कांग्रेस टिकट थमा सकती है। पिछली बार बड़े मार्जिन से चुनाव जीतने वाले धर्मबीर सिंह भले ही टिकट लेने में कामयाब हो गए हों मगर इस बार मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। इसके पीछे कारण यह माना जा रहा है कि धर्मबीर सिंह को अहिरवाल के चार हल्कों महेंद्रगढ़, नारनौल, अटेली व नांगल चौधरी में लोगों की नाराजगी का नुकसान हो सकता है।
लोगों में इस बात को भी लेकर नाराजगी है कि धर्मबीर सिंह ने इलाके में कोई विशेष कार्य नहीं करवाया है। साथ ही किरण चौधरी व श्रुति चौधरी लगातार भिवानी दादरी के साथ साथ अहिरवाल के चारों हल्कों में जनता के बीच में रहकर मुद्दों को उठाती रही हैं। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अगर कांग्रेस राव दान सिंह पर दाव खेलती है तो जातिगत समीकरण धर्मबीर के साथ उलटफेर कर सकते हैं।
फरीदाबाद से भाजपा ने कृष्णपाल गुर्जर को टिकट दी है। गुर्जर का फरीदाबाद इलाके में अपना जलवा है। मगर बताया जा रहा है कि एंटी इनकम्बेंसी व जाट वोटरों की भाजपा से बेरुखी उनके लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। हालांकि कांग्रेस ने अभी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। माना जा रहा है करण सिंह दलाल या नीरज शर्मा में से कोई एक कांग्रेस प्रत्याशी हो सकता है।
अंबाला सीट से बंतो को टिकट देकर भाजपा ने सहानुभूति के वोट के साथ साथ रत्नलाल कटारिया के वर्करों को भी साधने का प्रयास किया है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि भाजपा के पास बंतो कटारिया से मजबूत प्रत्याशी नहीं है। अब कांग्रेस प्रत्याशी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कांग्रेस के पूर्व में अध्यक्ष रहे बाद में टीएमसी व आम आदमी पार्टी में रह चुके अशोक तंवर को भाजपा में शामिल होने के दो माह बाद ही सिरसा से लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। अशोक तंवर सिरसा से सांसद रह चुके हैं। माना जा रहा है कि अशोक तंवर भाजपा के मजबूत प्रत्याशी है। कांग्रेस से अगर कुमारी शैलजा चुनाव मैदान में आती हैं तो मुकाबला काफी रोचक होने के आसार हैं। शैलजा सिरसा से पहले भी सांसद रह चुकी हैं और उनके पिता का हिसार सहित सिरसा में अपना रूतबा रहा है।
गुरूग्राम सीट से अहिरवाल इलाके में बड़ा कद रखने वाले राव इंद्रजीत सिंह को टिकट दी है। बताया जा रहा है कि इसबार राव इंद्रजीत अपनी बेटी आरती राव के लिए टिकट मांग रहे थे। मगर भाजपा हाईकमान ने राव इंद्रजीत को ही चुनाव लड़वाने में भलाई समझी। कांग्रेस से राव दान सिंह व कैप्टन अजय यादव का नाम संभावित प्रत्याशियों की सूची में है। बताया जा रहा है कि इस बार ग्रुरूग्राम सीट पर मुकाबला कड़ा होने की संभावना है।
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