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Akshay Navami Vrat Katha: जादुई कथा! पढ़ो तो संतान सुख और रोग मुक्ति गारंटी

On: अक्टूबर 31, 2025 9:14 पूर्वाह्न
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Akshay Navami Vrat Katha: जादुई कथा! पढ़ो तो संतान सुख और रोग मुक्ति गारंटी
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Akshay Navami Vrat Katha in hindi: अक्षय नवमी या आंवला नवमी का हिंदू धर्म में खास जगह है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा होती है। मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी आराधना की जाती है। परंपरा है कि आंवले के पेड़ के नीचे भोजन करें। मान्यता है कि आंवला नवमी पर किए पुण्य का फल जन्म-जन्मांतर तक रहता है।

इस साल 31 अक्टूबर यानी आज आंवला नवमी है। पूरे विधि-विधान से पूजा और कथा पाठ से घर में सुख-शांति-समृद्धि आती है। यहां अक्षय नवमी व्रत कथा पढ़ें। आंवला नवमी की कथा लिखित रूप में उपलब्ध है।

अक्षय नवमी व्रत कथा Akshay Navami Vrat Katha

शास्त्रों के अनुसार एक बार धन की देवी मां लक्ष्मी धरती पर घूमने आईं। उन्होंने देखा कि हर कोई भगवान शिव और विष्णु की पूजा कर रहा है। मन में ख्याल आया कि दोनों की एकसाथ पूजा कैसे हो? सोचते-सोचते विचार आया कि आंवला पेड़ के पास दोनों देवों की पूजा हो सकती है, क्योंकि तुलसी और आंवला में ढेर सारे गुण हैं।

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इसके बाद मां लक्ष्मी ने आंवले के पेड़ के नीचे दोनों देवों की पूजा की। उनकी भक्ति देखकर दोनों देव प्रकट हो गए। मां लक्ष्मी ने पेड़ के नीचे भोजन पकाकर दोनों को खिलाया। तभी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी पर अक्षय नवमी मनाने की परंपरा शुरू हुई।

आंवला नवमी की कहानी

पौराणिक कथा के मुताबिक काशी में एक धर्मात्मा वैश्य रहते थे। धन-धान्य की कोई कमी नहीं, लेकिन संतान न होने से दुखी थे। एक दिन पड़ोसन ने पत्नी से कहा कि पुत्र पाने के लिए पराए बालक की बलि भैरव को चढ़ाओ। वैश्य को पता चला तो मना कर दिया। लेकिन पत्नी की इच्छा इतनी प्रबल थी कि वो लालच में पड़ गई।

एक दिन उसने कुएं में एक कन्या गिराकर भैरव के नाम बलि दे दी। पाप के फलस्वरूप पत्नी को कोढ़ हो गया और लड़की की आत्मा सताने लगी। वैश्य ने पूछा तो पत्नी ने सब बता दिया। वैश्य ने कहा गोवध, ब्राह्मण वध और बाल वध सबसे बड़ा पाप है, कोई भला नहीं कर पाता। गंगा तट पर भजन करो, स्नान करो, मुक्ति मिलेगी।

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पत्नी पश्चाताप करने लगी और मां गंगा की शरण गई। गंगा ने कार्तिक शुक्ल नवमी को आंवले के पेड़ की पूजा और आंवला खाने को कहा। महिला ने वैसा ही किया। व्रत-पूजन से रोग मुक्त हो गई। इतना ही नहीं, कुछ दिनों बाद संतान सुख भी मिला।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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